झारखंड पुलिस को मिलेंगी नई इमारतें, रांची समेत 5 जिलों में 13.86 करोड़ रुपये की लागत से थाना-ओपी निर्माण का प्रस्ताव
रांची: झारखंड में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पांच नए थाना और ओपी भवनों के निर्माण की योजना तैयार की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत देवघर, पाकुड़, रांची, पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह में इन भवनों के निर्माण पर कुल 13 करोड़ 86 लाख 74 हजार 300 रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए प्रधान महालेखाकार, झारखंड को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, अभी इन योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया का उल्लेख है। इसलिए निर्माण कार्य शुरू होने की अंतिम तारीख या समयसीमा फिलहाल स्पष्ट नहीं है। प्रस्तावित योजनाओं में सबसे अधिक राशि पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर स्थित टेल्को में बनने वाले स्मार्ट थाना भवन के लिए रखी गई है। इस भवन के निर्माण पर 5 करोड़ 44 लाख 34 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा देवघर के पथरौल में थाना भवन, पाकुड़ के रद्दीपुर में ओपी भवन, रांची के गोंदा में यातायात थाना भवन और गिरिडीह के गुनियाथर में ओपी भवन बनाने की योजना है। जिला प्रस्तावित भवन अनुमानित राशि पूर्वी सिंहभूम टेल्को स्मार्ट थाना ₹5,44,34,000 देवघर पथरौल थाना भवन ₹3,17,99,900 रांची गोंदा यातायात थाना भवन ₹2,04,75,000 पाकुड़ रद्दीपुर ओपी भवन ₹1,59,83,400 गिरिडीह गुनियाथर ओपी भवन ₹1,59,82,000 कुल 5 भवन ₹13,86,74,300 विभागीय पत्र के मुताबिक, झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, रांची की ओर से योजनाओं के लिए अनुमोदित नक्शा, तकनीकी प्रतिवेदन, तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) प्रस्तुत किया गया है। निर्माण लागत का आकलन निर्धारित सरकारी दरों और संबंधित तकनीकी मानकों के आधार पर किया गया है। प्रस्ताव में पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के कार्यालय की ओर से 29 जून 2026 को जारी पत्र का भी उल्लेख किया गया है। प्रस्तावित योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रियाएं आगे बढ़ सकेंगी। इसके बाद आवश्यक वित्तीय और विभागीय औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। नए थाना और ओपी भवन बनने से पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराने के साथ पुलिस संबंधी कामकाज के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।टेल्को में स्मार्ट थाना भवन पर सबसे ज्यादा खर्च
किस जिले में कितनी राशि होगी खर्च?
डीपीआर और तकनीकी स्वीकृति के आधार पर तैयार हुआ प्राक्कलन
प्रशासनिक स्वीकृति के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया















