बारिश की आशंका के बीच बदली सोहराय महोत्सव की तारीख, अब 4-5 नवंबर को होगा आयोजन
हजारीबाग: झारखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को समर्पित सोहराय महोत्सव की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले यह आयोजन 30 और 31 अक्टूबर को संत कोलंबस कॉलेज मैदान में होना था, लेकिन बारिश की आशंका और दूसरे जिलों व राज्यों से आने वाले प्रतिभागियों की सुविधा को देखते हुए अब महोत्सव 4 और 5 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति ने नई तारीख की जानकारी देते हुए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। आयोजन समिति के अनुसार, सोहराय महोत्सव में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी कलाकारों और प्रतिभागियों के पहुंचने की संभावना है। ओडिशा के साथ गुमला, सिमडेगा, जमशेदपुर, धनबाद और रांची सहित कई क्षेत्रों से लोग कार्यक्रम में शामिल होने आएंगे। मौसम खराब रहने और बारिश होने की आशंका के कारण प्रतिभागियों को यात्रा करने और आयोजन में हिस्सा लेने में परेशानी हो सकती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। सोहराय महोत्सव का मुख्य उद्देश्य झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, कला और पारंपरिक विरासत को बढ़ावा देना है। दो दिवसीय कार्यक्रम में नागपुरी और खोरठा कलाकारों की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। इसके अलावा पारंपरिक नृत्य-संगीत और फैशन शो के जरिए झारखंड की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा। महोत्सव में हस्तशिल्प और झारखंडी व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से स्थानीय कला, पारंपरिक खानपान और क्षेत्रीय पहचान को मंच देने की योजना है। आयोजन समिति को उम्मीद है कि नई तारीख पर अधिक संख्या में लोग महोत्सव में शामिल होंगे और झारखंड की लोक परंपराओं का आनंद उठाएंगे।बारिश की आशंका के चलते लिया गया फैसला
लोक संस्कृति और पारंपरिक कला का दिखेगा रंग
हस्तशिल्प और झारखंडी व्यंजन भी होंगे आकर्षण















