गुमला शिक्षा विभाग समीक्षा बैठक छात्र शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति छात्रवृत्ति
गुमला, 18 अगस्त 2026: जिले के शैक्षिक सूचकांकों में सुधार को लेकर डायट गुमला में शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने की। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी की विशेष उपस्थिति में आयोजित बैठक में शिक्षा विभाग, कल्याण विभाग और पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों समेत विभिन्न प्रखंड एवं संकुल स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।बैठक में छात्र एवं शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। डीईओ ने निर्देश दिया कि शिक्षकों की दो बार उपस्थिति और छात्रों की दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति निर्धारित समय पर दर्ज हो तथा इसकी नियमित निगरानी की जाए। सावित्रीबाई फुले छात्रवृत्ति योजना और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कक्षा 8 से 12 तक की पात्र बालिकाओं को सावित्रीबाई फुले छात्रवृत्ति तथा कक्षा 1 से 10 तक के पात्र एससी, एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए सभी जरूरी विवरण संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किए जाएं।लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करने का भी निर्देश दिया गया। डीईओ ने कहा कि जिला स्तरीय बैठक में दिए गए निर्देशों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए सभी प्रखंडों और संकुलों में विशेष बैठक आयोजित की जाए। संबंधित पदाधिकारी विद्यालयों को स्पष्ट कार्ययोजना और जिम्मेदारियों से अवगत कराएं।बैठक में यूडायस, अपार आईडी, स्टूडेंट पेन नंबर, आधार पंजीकरण एवं वैलिडेशन, ई-विद्यावाहिनी पोर्टल, मध्याह्न भोजन, विद्यालय प्रबंधन समिति, प्रशस्त ऐप, रेल टेस्ट और स्प्लिट सिलेबस समेत कई शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की गई।इसके अलावा स्वास्थ्य जांच, मॉडल स्कूल, निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक, पोशाक, स्कूल किट और स्कूल बैग वितरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। विद्यालयों में मादक पदार्थ निषेध कार्यक्रम, झारखंड स्टेट ओलंपियाड, एफएलएन चैंपियनशिप और सभी बच्चों के बैंक खाते खोलने से संबंधित कार्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।पर्यावरण संरक्षण के लिए इको क्लब के माध्यम से पौधरोपण अभियान चलाने और स्वच्छ एवं हरित विद्यालय के तहत पोर्टल पर ऑनलाइन नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया। डीईओ ने विद्यार्थियों की सीखने की उपलब्धि में सुधार के लिए आवश्यक शैक्षणिक हस्तक्षेप करने पर भी जोर दिया।कविता खलखो ने कहा कि जिला स्तर से जारी निर्देश केवल पोर्टल पर प्रविष्टि तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, सीखने के स्तर, शैक्षणिक वातावरण और सरकारी योजनाओं के लाभ में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मियों से आपसी समन्वय के साथ काम कर जिले के शैक्षणिक सूचकांकों में लगातार सुधार लाने का आह्वान किया।छात्रवृत्ति योजनाओं पर विशेष फोकस
प्रखंड और संकुल स्तर पर होगी विशेष बैठक
स्वच्छ-हरित विद्यालय और बच्चों की सीखने की क्षमता पर जोर














