धनबाद: सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ धनबाद जिला प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। बारामुड़ी खटाल में करीब 18 एकड़ जमीन की मापी और सर्वे के बाद 155 घरों और दुकानों को अनाधिकृत निर्माण के दायरे में चिह्नित किया गया है। प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सोमवार को निर्धारित तारीख पर बारामुड़ी खटाल के लोग धनबाद अंचल कार्यालय पहुंचे और जमीन के कागजात प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की। वहीं, अंचल अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय में वैध दस्तावेज नहीं दिखाने पर जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन कार्रवाई करेगा।

18 एकड़ जमीन की मापी, 155 घर और दुकानें चिह्नित

बारामुड़ी खटाल में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने अतिक्रमणवाद की प्रक्रिया शुरू की है। करीब 18 एकड़ जमीन की मापी और सर्वे के बाद 155 घरों और दुकानों को अनाधिकृत चिह्नित किया गया। संबंधित लोगों को प्रथम नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा गया था। इसके लिए 2 नवंबर की तारीख निर्धारित की गई थी।

खटाल वासियों ने मांगा अतिरिक्त समय

सोमवार को बड़ी संख्या में बारामुड़ी खटाल के लोग धनबाद अंचल कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से जमीन के कागजात जुटाने और प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की।

खटाल वासियों का दावा है कि करीब 20 से 22 साल पहले तत्कालीन उपायुक्त ने उन्हें बेकार बांध इलाके से हटाकर बारामुड़ी में बसाया था। ऐसे में उनका कहना है कि अब उन्हें वहां से हटाने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इस दौरान यादव समाज के नेता बसंत यादव और स्थानीय निवासी बिंदेश्वरी यादव ने भी लोगों का पक्ष रखा।

CO की दो टूक- दस्तावेज नहीं तो खाली करनी होगी जमीन

धनबाद के अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर विधिसम्मत प्रक्रिया शुरू की गई है। जमीन की मापी के बाद संबंधित लोगों को प्रथम नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

उन्होंने कहा कि लोगों की मांग पर जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया जा रहा है। लेकिन निर्धारित अवधि में वैध कागजात उपलब्ध नहीं कराने पर जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन नियमानुसार बलपूर्वक कार्रवाई करेगा।

बारामुड़ी के बाद दूसरे इलाकों में भी चलेगा अभियान

प्रशासन की कार्रवाई केवल बारामुड़ी खटाल तक सीमित नहीं रहने वाली है। अंचल अधिकारी के मुताबिक, पांडरपाला और ट्रैक्शन कॉलोनी में भी सरकारी जमीन की मापी और अतिक्रमित भूमि की पहचान की जा रही है। इसके अलावा लोको टैंक, रानी बांध तालाब के आसपास और हाउसिंग कॉलोनी में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी है।

फिलहाल बारामुड़ी खटाल के लोगों को जमीन के दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि संबंधित लोग तय अवधि में जमीन पर अपने अधिकार से जुड़े वैध कागजात पेश कर पाते हैं या प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ानी पड़ती है।