जामताड़ा आदिवासी संस्कृति संरक्षण पहल
जामताड़ा समाहरणालय
स्थित एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में सोमवार को आईटीडीए एवं कल्याण विभाग के
सौजन्य से आदिवासी संस्कृति एवं कला केंद्र तथा धुमकुड़िया भवनों के लिए पारंपरिक
वाद्ययंत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड सरकार के
स्वास्थ्य चिकित्सा
शिक्षा एवं परिवार कल्याण खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग
के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी उपायुक्त आलोक कुमार पुलिस अधीक्षक शम्भू
कुमार सिंह उप
विकास आयुक्त निरंजन कुमार और परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज सहित अन्य
अतिथियों ने दीप कार्यक्रम में जामताड़ा प्रखंड के सभी 22 पंचायतों के धुमकुड़िया भवनों के लिए दो
नगाड़ा दो
मांदर एक
हारमोनियम और एक सेट कोरताल उपलब्ध कराया गया। जिन पंचायतों में धुमकुड़िया भवन
नहीं हैं वहां
पंचायत स्तर पर वाद्ययंत्र सुरक्षित रखे जाएंगे।मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि
आदिवासी समाज की संस्कृति परंपरा और मूल्यों को जीवित रखने के लिए
सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपनी
सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का कार्य करेगी।उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि
धुमकुड़िया भवन आदिवासी समाज की लोक संस्कृति, लोकगीत और सामुदायिक मूल्यों को सीखने
का केंद्र है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की अपील की।वहीं
पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह ने झारखंड की संस्कृति को प्रकृति और परंपरा के
संतुलन का प्रतीक बताया।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने मांदर और ढोल बजाकर
आदिवासी संस्कृति संरक्षण का संदेश दिया। आयोजन के दौरान पारंपरिक संस्कृति और कला
को लेकर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।














