तिरुलडीह सरायकेला खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत सपादा स्थित जलापूर्ति प्लांट करीब एक माह से बंद पड़ा है। इसके कारण आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है।ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर दराज के जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है जिससे उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। यह योजना जल जीवन मिशन के तहत संचालित है, जिसका उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है लेकिन प्लांट बंद होने से इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।प्लांट में कार्यरत मजदूरों का आरोप है कि उन्हें पिछले 13 महीनों से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक तंगी के कारण वे कर्ज लेकर परिवार चला रहे हैं। मजदूरों ने ठेकेदार पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है।ग्रामीणों और मजदूरों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो जलापूर्ति बहाल की गई और न ही बकाया भुगतान किया गया। इससे प्रशासन के प्रति भी नाराजगी बढ़ती जा रही है।पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने जल्द जलापूर्ति बहाल करने मजदूरों का वेतन देने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।