दुमका मसलिया क्षेत्र में इन दिनों पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है। आरोप है कि अंचल प्रशासन और वन विभाग इस पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर लकड़ी माफिया सरकारी और जमाबंदी जमीन से हरे भरे पेड़ों को काटकर आरा मिलों तक पहुंचा रहे हैं।ताजा मामला मसलिया अंचल के कोरबोना गांव का है जहां सड़क किनारे खड़े चार फलदार पेड़ों को काट दिया गया। इनमें तीन कटहल और एक आम का बड़ा पेड़ शामिल है। पेड़ों को काटकर लकड़ी को कई टुकड़ों में बांट दिया गया है, जिसे अवैध रूप से खपाने की तैयारी की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब के मेढ़ से भी चार पेड़ों की कटाई कर लकड़ी माफिया पहले ही ले जा चुके हैं। वहीं बचे हुए पेड़ों को सीमावर्ती क्षेत्र पालोजोरी के आरा मिलों में भेजने की कोशिश की जा रही है।गौरतलब है कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की अवैध कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।इस संबंध में अंचलाधिकारी रंजन यादव ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।