बिहार के कैमूर जिले में हुए एक सनसनीखेज चारहरे हत्याकांड का खुलासा एक मिस्ड कॉल की वजह से हुआ। रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के भाई ने ही अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।

एक मिस्ड कॉल ने पुलिस को दिया सुराग

जानकारी के मुताबिक  14 मई की रात रामगढ़ थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर एक मिस्ड कॉल आया। शुरुआत में पुलिस ने इसे सामान्य कॉल समझकर नजरअंदाज कर दिया  लेकिन थोड़ी देर बाद उसी नंबर से दोबारा कॉल आने पर पुलिस को शक हुआ।  पुलिस ने उस नंबर पर संपर्क किया तो सामने वाले व्यक्ति ने खुद को डहरक गांव निवासी विकास गुप्ता बताया और कहा कि उसके भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता से कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसी सूचना के बाद पुलिस डहरक गांव पहुंची और जांच शुरू की। पता चला कि पूरा परिवार कई दिनों से लापता था।

मोबाइल लोकेशन ने खोला राज

जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन निकाली। इसमें सामने आया कि विकास घटना के समय गांव में ही मौजूद था और बाद में महाराष्ट्र चला गया था। पुलिस ने उसे पहचान के बहाने बुलाया  लेकिन शक होने पर आरोपी ने ट्रेन में मोबाइल बंद कर दिया। हालांकि पुलिस ने तकनीकी मदद से लोकेशन ट्रेस कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की  लेकिन सख्ती के बाद उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

भाई  भाभी और दो बच्चों की हत्या

पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने भाई  भाभी और उनके दो बच्चों की हत्या की बात कबूल की है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

जांच में यह भी सामने आया कि परिवार के कुछ सदस्य घटना के प्रत्यक्षदर्शी थे  लेकिन डर के कारण उन्होंने किसी को जानकारी नहीं दी।

सोशल मीडिया से हुई पहचान

पुलिस को शव की पहचान करने में भी काफी मुश्किल आई। बाद में सोशल मीडिया और परिवार से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

पुलिस कर रही आगे की जांच

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात में और कौन कौन शामिल था और हत्या के पीछे मुख्य वजह क्या थी। इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बना दिया है।