पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने अपनी जीत को प्रधानमंत्री के लिए "वेक-अप कॉल" बताते हुए कहा कि बिहार को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे मूल मुद्दों पर काम करे।

प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य केवल विधायक बनना नहीं, बल्कि बिहार में व्यवस्था परिवर्तन और विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो युवाओं के भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे।

'हमारा गठबंधन सिर्फ बिहार की जनता से'

संभावित राजनीतिक गठबंधन के सवाल पर प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि जन सुराज किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का एकमात्र गठबंधन बिहार की जनता के साथ है।

उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव में उन्हें केवल जन सुराज समर्थकों का ही नहीं, बल्कि भाजपा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उन मतदाताओं का भी समर्थन मिला जो अपनी-अपनी पार्टियों के कामकाज से असंतुष्ट थे।

Gen Z और युवाओं पर क्या बोले?

प्रशांत किशोर ने कहा कि Gen Z के विरोध प्रदर्शनों का माहौल उपचुनाव के नतीजों को कुछ हद तक प्रभावित कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मतदान प्रतिशत को देखते हुए यह कहने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं कि बड़ी संख्या में युवाओं ने मतदान किया।

उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा, इसलिए युवा मतदाताओं की निर्णायक भूमिका का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने उपचुनाव के परिणाम को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व के खिलाफ जनादेश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के शिक्षित मतदाता मौजूदा नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं और बेहतर प्रशासन की अपेक्षा रखते हैं।

हालांकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर को जीत की बधाई देते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया।

भाजपा का 30 साल पुराना गढ़ टूटा

बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज की जीत को बड़ा राजनीतिक उलटफेर माना जा रहा है। इस सीट पर भाजपा का लगभग तीन दशक से कब्जा था। उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 मतों से हराकर पहली बार बिहार विधानसभा में अपनी पार्टी की उपस्थिति दर्ज कराई।

इस जीत के साथ जन सुराज ने बिहार की राजनीति में अपनी औपचारिक विधायी शुरुआत कर दी है।