पटना: बिहार से मानसून की विदाई के बाद भी डेंगू का खतरा कम नहीं हुआ है। बारिश थमने के बावजूद कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इस बीच राजधानी पटना में डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 13 अक्टूबर 2026 तक जिले में डेंगू के 74 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें 13 अक्टूबर को एक दिन में 13 मरीजों की पुष्टि हुई। पटना सिटी क्षेत्र में सबसे अधिक मरीज सामने आ रहे हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में पटना में डेंगू के 130 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि अगस्त में 97 मरीज मिले थे। अक्टूबर के शुरुआती 13 दिनों में 74 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कम मामले

पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल ने बताया कि वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या कम है। हालांकि, सितंबर और अक्टूबर में डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में रखा गया है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में पटना में डेंगू के कुल 1,784 मामले सामने आए थे। वहीं, जनवरी से अक्टूबर 2026 तक जिले में कुल 411 मरीजों की पुष्टि हुई है।

इस वर्ष दीघा क्षेत्र में डेंगू से एक मरीज की मौत की बात सामने आई थी। हालांकि, सिविल सर्जन ने इसे संदिग्ध मामला बताया। उनके अनुसार, संबंधित मरीज झारखंड के रहने वाले थे और पटना में अपने रिश्तेदार के यहां आए थे। इसलिए इस मौत को जिले के आधिकारिक डेंगू मृत्यु आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया है।

सरकारी अस्पतालों में विशेष व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अब तक 250 मरीज मिले हैं। इनमें सबसे अधिक 113 मरीज नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में सामने आए हैं। इनमें पटना सिटी क्षेत्र के मरीजों की संख्या अधिक बताई गई है।

वहीं, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), पटना और पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में 26-26 मरीज मिले हैं। पटना नगर क्षेत्र के अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में 62 मरीजों की पुष्टि हुई है, जबकि इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में तीन मरीज मिले हैं।

निजी अस्पतालों में अब तक डेंगू के 109 मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में मरीजों की स्थिति पर नजर रख रहा है और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा है।

युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल के अनुसार, इस वर्ष डेंगू के सबसे अधिक मामले युवा आयु वर्ग में सामने आए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 21 से 30 वर्ष की उम्र के 97 लोग डेंगू से संक्रमित मिले हैं। वहीं, 11 से 20 वर्ष के 90 मरीज सामने आए हैं।

अन्य आयु वर्गों में 10 वर्ष से कम उम्र के 42 बच्चे, 31 से 40 वर्ष के 68 लोग, 41 से 50 वर्ष के 38 लोग, 51 से 60 वर्ष के 39 लोग और 61 वर्ष से अधिक उम्र के 37 लोग डेंगू से संक्रमित पाए गए हैं।

डेंगू से बचाव के लिए विशेष अभियान

सिविल सर्जन ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिए लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है। गमलों, पुराने बर्तनों और ऐसे अन्य स्थानों की नियमित सफाई जरूरी है, जहां पानी जमा हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता और नियंत्रण अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने आसपास सफाई रखें और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें।

NMCH और PMCH में बेड व वेंटिलेटर की व्यवस्था

डेंगू मरीजों के इलाज को लेकर NMCH में 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। अस्पताल में पांच वेंटिलेटर की व्यवस्था भी की गई है। इसी तरह PMCH में भी मरीजों के लिए बेड और वेंटिलेटर की व्यवस्था होने की जानकारी दी गई है।

सिविल सर्जन के अनुसार, कई मरीज अस्पतालों में जांच और परामर्श के बाद घर लौट जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए निगरानी, उपचार और बचाव के प्रयास जारी रहेंगे।