खान सर हत्या के प्रयास मामला पटन कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई
पटना के चर्चित शिक्षक खान सर को हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े
मामले में बड़ी राहत मिली है. पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर
सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है. अदालत ने मामले में अगली
सुनवाई तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने दिया नो कोअर्सिव एक्शन का आदेश मंगलवार को हुई सुनवाई में पटना सिविल कोर्ट ने खान सर को अंतरिम राहत देते
हुए नो कोअर्सिव एक्शन का आदेश जारी किया. इसका अर्थ है कि अदालत के अगले आदेश तक
पुलिस खान सर के खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कोई दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं कर सकेगी. यह आदेश खान सर के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद गिरफ्तारी की आशंका बनी हुई थी. पुलिस से मांगी गई केस डायरी सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस को मामले से संबंधित केस डायरी और खान सर का
आपराधिक इतिहास (Antecedent
Report) पेश करने का
निर्देश दिया. अदालत अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून को करेगी. खान सर ने आरोपों को बताया निराधार सोमवार को दाखिल अपनी अग्रिम जमानत याचिका में खान सर ने कहा था कि उन पर लगाए
गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और फायरिंग की घटना से उनका कोई संबंध नहीं है. उन्होंने अदालत से कहा कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है और मामले की निष्पक्ष
जांच होनी चाहिए. गार्ड्स की जमानत याचिका भी दायर खान सर के अलावा फायरिंग मामले में नामजद उनके दोनों सुरक्षा गार्डों की ओर से
भी जमानत याचिका दाखिल की गई है. इस मामले में उनके गार्ड्स की सुनवाई 10 जून को प्रस्तावित है. वकील ने क्या कहा? खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मऊआर ने बताया कि अदालत ने उनके मुवक्किल को
अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने केस डायरी और अन्य
दस्तावेज मांगे हैं और अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. वकील के अनुसार अदालत के आदेश के बाद खान सर को फिलहाल कहीं आने-जाने में
कोई कानूनी बाधा नहीं होगी. क्या है मामला? फायरिंग की घटना के बाद खान सर और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया
था. एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस उनके कोचिंग संस्थान तक पहुंची थी लेकिन उस समय कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी. अब अदालत के आदेश के बाद मामले की
अगली सुनवाई तक सभी की नजरें जांच और पुलिस की रिपोर्ट पर टिकी हैं.















