Jammu-Kashmir Rain Havoc: भारी बारिश और भूस्खलन से 11 की मौत, कई लापता; राहत-बचाव अभियान जारी
श्रीनगर:
जम्मू-कश्मीर में
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग
घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। सबसे अधिक
नुकसान पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील और राजौरी में हुआ है। लगातार बारिश और
क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ है, हालांकि सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें युद्धस्तर
पर अभियान चला रही हैं। सुरनकोट के लोअर
मुराह गांव में रविवार को भारी बारिश के कारण एक मकान भूस्खलन की चपेट में
आ गया। हादसे के समय घर में मौजूद आठ
लोग मलबे में दब गए।
बचाव दल ने अब तक पांच शव बरामद किए हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। वहीं, संगला गांव में अचानक आई बाढ़
में एक ही परिवार के चार सदस्य बह गए। लापता लोगों में अब्दुल
हमीद, शरीफा
बेगम, अरीबा
और मनीरा बेगम शामिल हैं। नूनाबंदी
गांव में मकान ढहने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई,
जबकि उनके पति और तीन बच्चों को
सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा, संगलानी
क्षेत्र में मकान गिरने से 22 वर्षीय शाहजैब अहमद की मौत हो गई,
जबकि मरहोट
क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की नाले में डूब गई। वहीं, धुंधक
लाथूंग पुल के पास एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया। हवेली
तहसील में भी करीब छह मकान ढह गए, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य के
गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। राजौरी जिले में रातभर हुई भारी बारिश
के बाद नदियों और नालों में अचानक उफान आ गया। कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी
भर गया, जिससे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर
पहुंचाया गया।
तटबंध टूटने और तेज बहाव के कारण कई वाहन भी बह गए। एक महिला का शव नदी से बरामद
किया गया है। पुलिस, सेना और राज्य
आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के संयुक्त अभियान में जम्मू
और राजौरी के विभिन्न इलाकों में नदियों में फंसे 14 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। भारी बारिश और बिगड़ते हालात को देखते
हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना दिल्ली दौरा
बीच में ही समाप्त कर जम्मू लौटने का फैसला किया। वहीं, उपराज्यपाल मनोज
सिन्हा ने प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों
को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध
कराने के निर्देश दिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम संबंधी सलाह का
पालन करने की अपील की है।भूस्खलन की चपेट में आया मकान, कई लोग मलबे में दबे
मकान ढहने और नाले में डूबने से भी गई
जान
राजौरी में बाढ़ से हालात बिगड़े
14 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
मुख्यमंत्री ने बीच में छोड़ा दिल्ली
दौरा
23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट














