नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में तनाव बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया था। इसी घटनाक्रम से जुड़े नए दावों के मुताबिक, 10 मई की रात दिल्ली की ओर आ रही एक तेज रफ्तार मिसाइल को हरियाणा के सिरसा के ऊपर भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया था। यह जानकारी डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री ‘Declassified: Operation Sindoor’ में राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ नितिन गोखले के हवाले से सामने आई है।

हालांकि, भारत के रक्षा मंत्रालय ने 10 मई की रात पाकिस्तान की ओर से मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट के जरिए भारतीय सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले की पुष्टि की थी, लेकिन सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा था कि इनमें से किसी मिसाइल का लक्ष्य दिल्ली था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी हमले को नाकाम किया और किसी महत्वपूर्ण भारतीय सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा।

सिरसा के ऊपर मिसाइल को रोके जाने का दावा

डॉक्यूमेंट्री में नितिन गोखले के अनुसार, 10 मई की रात करीब 1:30 से 1:45 बजे के बीच दिल्ली की ओर आती तेज रफ्तार मिसाइल को सिरसा के ऊपर रोक दिया गया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी।

भारत ने बाद में पाकिस्तान के एयरबेस, रडार, कमांड और कंट्रोल से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सरकारी जानकारी के मुताबिक कुछ ही घंटों में पाकिस्तान के 11 सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।

ब्रह्मोस से पाकिस्तान को जवाब

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ढांचे पर सटीक हमले किए। सरकारी बयानों में पाकिस्तान के एयरबेस, एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और कमांड सेंटरों को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी गई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बाद में संसद में कहा था कि 10 मई को पाकिस्तान की ओर से मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट के जरिए भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया, जिसे भारत की एयर डिफेंस और काउंटर-ड्रोन प्रणालियों ने नाकाम किया।

पाकिस्तान ने किया DGMO से संपर्क

भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद 10 मई को पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने उस समय बताया था कि पाकिस्तान के DGMO ने दोपहर 3:35 बजे भारतीय DGMO को फोन किया और दोनों पक्षों ने शाम 5 बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी।

बाद में भारत सरकार ने संसद में भी स्पष्ट किया कि 10 मई को संघर्ष रोकने की पहल पाकिस्तान के DGMO की ओर से हुई थी और समझौता दोनों देशों के DGMO के बीच सीधे संपर्क के जरिए हुआ था।

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत भारत ने 7 मई 2025 को की थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने की बात कही थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाद में संसद में कहा कि 9 मई की रात और 10 मई की सुबह भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ढांचे के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की और ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की कार्रवाई निर्णायक रही।

भारत ने तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से किया इनकार

ऑपरेशन सिंदूर के बाद संघर्षविराम को लेकर अमेरिका सहित कई देशों की ओर से कूटनीतिक संपर्क की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट किया कि 10 मई को संघर्षविराम की समझ भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच सीधे संपर्क से बनी थी और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं हुई थी।