बालाघाट के नक्सल प्रभावित गांवों में पहली बार पहुंची मेडिकल टीम, 125 बीमार बच्चों की बचाई जिंदगी
बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के कभी नक्सल प्रभावित रहे आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहली बार बड़े स्तर पर पहुंची है। बिरसा विकासखंड के कई गांवों में बच्चों के बीमार होने और मौत की खबरों के बाद डॉक्टरों ने घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच शुरू की। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक 169 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें 125 बच्चे स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। इन इलाकों में लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के कारण सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित रही। प्रशासन के अनुसार, कुछ ग्रामीणों में डॉक्टरों और अस्पतालों को लेकर डर और अविश्वास भी बना हुआ था। स्वास्थ्य टीम अब लगातार ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें इलाज के लिए जागरूक कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें कुंडेकसा, अडोरी, कोरका, बांदरी, बोंदारी, घुम्मुर, मछुरदा, गठिया और मातला समेत आसपास के गांवों में घर-घर सर्वे कर रही हैं। इन क्षेत्रों में बच्चों में बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा संबंधी बीमारी, मलेरिया, स्कैबीज और अन्य मौसमी बीमारियों के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से प्रभावित बच्चों की पहचान कर उन्हें अस्पताल पहुंचाने के साथ ही घर पर भी उपचार की व्यवस्था की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले एक महीने में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के चलते कुल 169 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 125 बच्चों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि 44 बच्चे उपचाररत बताए गए हैं। इसके अलावा 461 बच्चों का घर पर ही इलाज किया गया। विभाग के मुताबिक कुल 630 मरीजों की पहचान हुई, जिनमें अस्पताल में भर्ती और घर पर उपचार पाने वाले मरीज शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 20 सर्वेक्षण टीम लगाई गई हैं। इसके अलावा मोबाइल मेडिकल यूनिट, चिकित्सा अधिकारियों और एंबुलेंस की मदद ली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार बच्चों की निगरानी कर रही हैं। ग्रामीणों को बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने और समय पर उपचार कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य सर्वे के दौरान बच्चों को विटामिन-A की खुराक, ORS, जिंक और आयरन सिरप दिया गया। कई बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा और मीजल्स का टीका भी लगाया गया।बिरसा ब्लॉक में चला स्वास्थ्य अभियान
125 बच्चे स्वस्थ होकर लौटे घर
20 सर्वे टीम और 4 एंबुलेंस तैनात
बच्चों को दी गई जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं














