लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया है। इस टीम में उत्तर प्रदेश से आने वाली वरिष्ठ भाजपा नेता रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी संगठन में उन्हें पहले भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं और अब एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें बड़ी भूमिका सौंपी गई है।

रेखा वर्मा उत्तराखंड की सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से 2020 में घोषित राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम में भी उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था।

कौन हैं रेखा वर्मा?

रेखा वर्मा का जन्म 20 मई 1973 को कानपुर में हुआ था। उनके पति का नाम अरुण कुमार वर्मा है। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव से सक्रिय चुनावी राजनीति में कदम रखा।

अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज कर राष्ट्रीय राजनीति में जगह बनाई। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की। लगातार चुनावी सफलता के बाद भाजपा संगठन में उनका राजनीतिक कद बढ़ता गया।

गांव से जुड़ी रही हैं रेखा वर्मा

रेखा वर्मा का संबंध उत्तर प्रदेश के मोहम्मदी क्षेत्र के मकसूदपुर गांव से बताया जाता है। राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद उनका स्थानीय स्तर पर भी संपर्क बना रहा। भाजपा संगठन में उनकी सक्रियता और जमीनी जुड़ाव को उनकी राजनीतिक ताकत माना जाता है।

हालांकि, 2014 और 2019 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह लगातार तीसरी बार लोकसभा पहुंचने में सफल नहीं हो सकीं। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर संगठन में उनकी भूमिका को बनाए रखा है।

भाजपा का महिला और OBC चेहरे पर फोकस

रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने को भाजपा की सामाजिक और संगठनात्मक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वह महिला नेता होने के साथ ही पिछड़े वर्ग से आती हैं।

उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा और विपक्षी दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में पार्टी संगठन में महिला और OBC प्रतिनिधित्व बढ़ाकर अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रही है।