अयोध्या: राम मंदिर परिसर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय रामकथा म्यूजियम के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंदिर निर्माण समिति की बैठक में म्यूजियम की 20 गैलरियों की स्टोरी लाइन और स्क्रिप्ट फाइनल कर दी गई है। अब इन गैलरियों में 3D, इमर्सिव टेक्नोलॉजी, डिजिटल और वीडियो तकनीक के इस्तेमाल के लिए 10 अक्टूबर से टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।

मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बैठक के बाद बताया कि गैलरी 1 से 20 तक के विषय तय हो चुके हैं। म्यूजियम के निदेशक संजीव कुमार सिंह ने इनकी स्टोरी लाइन तैयार की है। प्रस्तावित टेंडर में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों से जुड़े काम शामिल होंगे।

छह महीने में गैलरियां पूरी करने का लक्ष्य

नृपेंद्र मिश्र के मुताबिक अक्टूबर के अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने का अनुमान है। इसके बाद गैलरियों के निर्माण और तकनीकी इंस्टॉलेशन में करीब छह महीने का समय लग सकता है। म्यूजियम में आधुनिक तकनीक के जरिए रामकथा और इससे जुड़े विभिन्न विषयों को प्रदर्शित किया जाएगा।

500 वर्षों के संघर्ष और खुदाई पर विशेष गैलरी

म्यूजियम में भगवान राम के जीवन और रामकथा से जुड़े विषयों के साथ दो विशेष गैलरियां भी प्रस्तावित हैं। एक गैलरी राम मंदिर आंदोलन के पिछले करीब 500 वर्षों के इतिहास, न्यायिक प्रक्रिया और कानूनी संघर्ष पर केंद्रित होगी। इसके लिए विभिन्न अदालतों और अन्य स्थानों से संबंधित अभिलेख जुटाए जा रहे हैं।

दूसरी विशेष गैलरी खुदाई में मिली वस्तुओं और पुरातात्विक सामग्री पर आधारित होगी। नृपेंद्र मिश्र के मुताबिक इसका उद्देश्य उपलब्ध सामग्री को इस तरह प्रदर्शित करना है कि दर्शक उससे जुड़े ऐतिहासिक और वैज्ञानिक तथ्यों को समझ सकें।

वहीं, विज्ञान मंत्रालय द्वारा तैयार कराई गई हनुमान जी की गैलरी पूरी हो चुकी है और अन्य गैलरियों पर काम जारी है।

मंदिर परिसर का निर्माण लगभग पूरा

नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर परिसर का मुख्य निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। फिलहाल गेस्ट हाउस और कार्यालय का काम चल रहा है, जिसे पूरा होने में करीब चार से पांच महीने लग सकते हैं। जनवरी-फरवरी तक सभी निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

बाउंड्री वॉल, हुतात्मा स्मारक स्तंभ और अस्थायी पुराने मंदिर से जुड़े निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं या पूरे किए जा चुके हैं।

अंतिम भुगतान से पहले थर्ड पार्टी ऑडिट

बैठक में L&T और Tata समेत निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनियों के अंतिम भुगतान पर भी चर्चा हुई। अंतिम भुगतान से पहले बैंक गारंटी और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

पिछले पांच वर्षों के दौरान निर्माण के साथ रनिंग पेमेंट किए जाते रहे हैं। अब फाइनल सेटलमेंट के तहत कंपनियों से अनुबंध की शर्तों के अनुसार परफॉर्मेंस बैंक गारंटी ली जा रही है, ताकि भविष्य में भी निर्माण की गुणवत्ता से जुड़ी जिम्मेदारी सुनिश्चित रहे।

अंतिम बिलों की पारदर्शिता के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराया जा रहा है। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को अंतिम बिलों के करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्से के ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके लिए दो महीने का समय निर्धारित किया गया है।