Form 6 में बदलाव पर घमासान, राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली: Form 6 में कथित बदलाव को लेकर सोमवार को राजनीतिक और कानूनी विवाद तेज हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि Form 6 में कथित तौर पर गैरकानूनी और एकतरफा बदलाव किया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह बदलाव भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए पद के दुरुपयोग का हिस्सा है। उनके इस बयान के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। राहुल गांधी की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की उस सुनवाई के बाद आई, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने Form 6 के किसी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी है। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड सामने आने के बाद वह यह देखना चाहेगा कि Form 6 में बदलाव किसने किया। CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि किसी भी संशोधित Form 6 को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी नहीं मिली है। कोर्ट ने रिकॉर्ड पेश किए जाने के बाद बदलाव की प्रक्रिया और जिम्मेदारी की जांच करने की बात कही। पीठ में CJI सूर्यकांत के अलावा जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और संबंधित चुनाव अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। मामले में 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति भी चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, उस विज्ञप्ति में कहा गया था कि SIR के दौरान Form 6 के साथ लगाए गए अतिरिक्त घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। बाद में इसी दावे को लेकर सवाल उठे। सुप्रीम कोर्ट की सोमवार की टिप्पणी के बाद Form 6 को लेकर चुनाव आयोग के दावे और अदालत की टिप्पणी के बीच अंतर पर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने की मांग पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर संबंधित पक्षों को सुने बिना ऐसी राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि रिकॉर्ड से किसी फैसले में कानून का उल्लंघन सामने आता है, तो उस फैसले को रद्द किया जा सकता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसले कथित तौर पर एकतरफा तरीके से लिए गए। याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग की बहुसदस्यीय व्यवस्था और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। याचिका में Form 6 में कथित बदलाव, चुनावी डेटा से जुड़े सिस्टम और आयोग के कामकाज से संबंधित कई मुद्दे उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अभी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है। Form 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नए मतदाताओं का नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। SIR के दौरान इसके प्रारूप और अतिरिक्त घोषणा-पत्र को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि Form 6 में कुछ अतिरिक्त जानकारी शामिल की गई, जिस पर चुनाव आयोग के भीतर भी आपत्तियां उठाई गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल संशोधित Form 6 को मंजूरी देने से साफ इनकार किया है और रिकॉर्ड की जांच की बात कही है। इसलिए इस पूरे मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बदलाव किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत किए गए। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर CEC ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने Form 6 में गैरकानूनी और एकतरफा बदलाव किया और BJP को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। हालांकि, राहुल गांधी के आरोप राजनीतिक आरोप हैं और सुप्रीम कोर्ट ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि CEC ने Form 6 में गैरकानूनी तरीके से बदलाव किया था। अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड मंगाकर मामले की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन पर कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है। मामले में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग समेत संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी।सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
26 सितंबर की ECI प्रेस विज्ञप्ति का भी जिक्र
CEC को निलंबित करने की मांग पर तत्काल राहत नहीं
याचिका में क्या आरोप लगाए गए?
Form 6 विवाद क्या है?
राहुल गांधी ने क्या कहा?















