माध्यमिक आचार्य भर्ती मामला: हाईकोर्ट ने नेहा कुमारी के लिए एक पद सुरक्षित रखने का दिया निर्देश
रांची: माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता नेहा कुमारी को राहत दी है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता के लिए स्पेशल एजुकेशन विषय में माध्यमिक आचार्य का एक पद सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। दरअसल, माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा के पेपर-1 में न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स 66 अंक निर्धारित किए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से जारी आधिकारिक आंसर की में एक प्रश्न के उत्तर को सही माना गया है। याचिकाकर्ता ने भी उसी प्रश्न का सही उत्तर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उस प्रश्न के लिए निर्धारित एक अंक उन्हें नहीं दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि यदि उक्त प्रश्न का एक अंक उन्हें मिल जाता तो वह पेपर-1 में निर्धारित न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स हासिल कर लेतीं। एक अंक नहीं मिलने के कारण वह निर्धारित कटऑफ तक नहीं पहुंच सकीं और इसके चलते उनके पेपर-2 का मूल्यांकन नहीं किया गया। इस वजह से वह भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होने से भी वंचित रह गईं। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता नेहा कुमारी के लिए स्पेशल एजुकेशन विषय में माध्यमिक आचार्य का एक पद सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। हालांकि, मामले में अंतिम स्थिति अदालत के आगे के आदेश पर निर्भर करेगी। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। अब अगली सुनवाई में मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर अदालत का रुख स्पष्ट होने की उम्मीद है।एक अंक नहीं मिलने को लेकर उठाया सवाल
एक अंक के कारण पेपर-2 का मूल्यांकन नहीं हुआ
हाईकोर्ट ने पद सुरक्षित रखने का दिया निर्देश














