मेदिनीनगर: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पलामू समाहरणालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान समाहरणालय के मुख्य गेट पर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश और SDPO राजेश कुमार यादव के बीच तीखी बहस हो गई।

समाहरणालय गेट पर हुआ विवाद

प्रदर्शन के दौरान पूर्व सांसद बीडी राम अपना संबोधन दे रहे थे। इसी दौरान SDPO राजेश कुमार यादव वाहन से समाहरणालय गेट के पास पहुंचे और परिसर के अंदर जाने का प्रयास किया।

उस वक्त भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के मुख्य गेट का घेराव कर रखा था। वाहन को अंदर जाने को लेकर दीपक प्रकाश और SDPO राजेश कुमार यादव के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस तेज हो गई।

मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताना शुरू कर दिया। कुछ देर तक गेट के पास तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हुआ और स्थिति सामान्य हो गई।

विधायक ने पुलिस पर लगाया आरोप

पांकी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता ने आरोप लगाया कि SDPO जानबूझकर अपनी गाड़ी समाहरणालय परिसर के अंदर ले जाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, ऐसे में इस तरह की स्थिति पैदा करना उचित नहीं है।

विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के लिए काम कर रही है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

CBI जांच और मुकदमे वापस लेने की मांग

भाजपा नेताओं का प्रदर्शन मुख्य रूप से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने और आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर था।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। भाजपा नेताओं ने कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।