पाकुड़  में  सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य हंजला शेख को न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तारी मुफस्सिल थाना पुलिस ने की।

क्रिमिनल अपील खारिज होने के बाद कार्रवाई

जानकारी के अनुसार दिवाकर पांडे की अदालत ने हंजला शेख द्वारा दायर क्रिमिनल अपील को खारिज कर दिया था। इसके बाद निचली अदालत के फैसले के अनुपालन में उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया।

2019 के मामले में हुई थी प्राथमिकी

पुलिस के अनुसार वर्ष 2019 में मुफस्सिल थाना में तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर बाबूबंशी साव के बयान पर मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि हंजला शेख प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे तथा देशविरोधी प्रचार-प्रसार और धार्मिक उन्माद फैलाने से संबंधित गतिविधियों में संलिप्त थे।

तीन वर्ष के कारावास की सजा

मामले की सुनवाई के बाद निर्मल कुमार भारती की अदालत ने जीआर वाद संख्या 120/2020 में प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर हंजला शेख को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।

अपील भी हुई खारिज

निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हंजला शेख ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। हालांकि अप्रैल 2026 में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अपील को अस्वीकृत कर दिया। इसके बाद अदालत ने सजायाफ्ता वारंट जारी किया  जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

SDPI से जुड़े हैं हंजला शेख

बताया जाता है कि PFI पर प्रतिबंध लगने के बाद हंजला शेख ने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया की सदस्यता ग्रहण की थी। वर्तमान में वे पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।