अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े केस में राहुल गांधी को राहत, MP-MLA कोर्ट का फैसला
सुल्तानपुर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को मानहानि के एक पुराने मामले में राहत मिली है। सुल्तानपुर की MP-MLA अदालत ने सोमवार, 26 अक्टूबर को भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया। करीब आठ साल से चल रहे इस मुकदमे में फैसले के समय राहुल गांधी स्वयं अदालत में मौजूद थे। फैसला आने के बाद वह मीडिया से बातचीत किए बिना वहां से रवाना हो गए। यह मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए कथित बयान से जुड़ा था। शिकायतकर्ता भाजपा नेता विजय मिश्रा ने आरोप लगाया था कि टिप्पणी से अमित शाह की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। इसी आधार पर उन्होंने 4 अगस्त 2018 को अदालत में परिवाद दाखिल किया था। शिकायत के अनुसार, कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उस समय अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री हैं। बयान से आहत होने का दावा करते हुए विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मामले में लंबे समय तक सुनवाई चली। अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिल गई थी। मुकदमे की कार्यवाही के दौरान बयान और आवाज के मिलान से संबंधित सवाल भी उठे। इस मुद्दे को लेकर मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा था। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, शिकायतकर्ता की याचिका निरस्त हो गई थी। बाद में निचली अदालत में दोनों पक्षों की ओर से कानूनी दलीलें पेश की गईं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत के निर्णय से राहुल गांधी को इस मामले में राहत मिली है। फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे सत्य और न्याय की जीत बताया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं होता। उन्होंने कहा कि फैसले से न्यायपालिका में विश्वास और मजबूत हुआ है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यह फैसला उनके लिए बड़ी राहत है। 4 अगस्त 2018 को शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया के बाद इस मामले में फैसला 26 अक्टूबर 2026 को आया। अदालत के निर्णय से राहुल गांधी को इस मानहानि मुकदमे में बरी कर दिया गया है। हालांकि, इस फैसले का असर किसी अन्य मामले पर स्वतः नहीं माना जाना चाहिए।2018 में दाखिल हुआ था परिवाद
आवाज के मिलान से जुड़ा मुद्दा भी उठा
कांग्रेस नेताओं ने बताया सत्य की जीत
आठ साल पुराने मामले में आया फैसला















