हजारीबाग में जमीन विवाद पर घमासान, DC से मिले जनप्रतिनिधि: उपमहापौर बोले,जनता को बेघर नहीं होने देंगे
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग स्थित हुरहुरू क्षेत्र में जमीन विवाद लगातार गहराता जा रहा है। खास महल और गैरमजरुआ जमीन को लेकर उठे विवाद के बीच स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उपायुक्त (DC) से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में उपमहापौर अविनाश कुमार यादव, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, वार्ड पार्षद और स्थानीय लोग शामिल रहे। उन्होंने मांग की कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच हो और वर्षों से वहां रह रहे परिवारों को बेघर होने से बचाया जाए। स्थानीय लोगों ने जमीन पर कथित तौर पर जबरन घेराबंदी करने, दीवार खड़ी करने, दुकानों में ताला लगाने और धमकी देने जैसी शिकायतें की हैं। उनका कहना है कि विवाद के कारण परिवारों में असुरक्षा और चिंता का माहौल है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान भी सामने आना बाकी है। उपमहापौर अविनाश कुमार यादव ने कहा कि वे वार्ड पार्षदों और स्थानीय लोगों के साथ उपायुक्त से मिलने पहुंचे थे। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जमीन विवाद के कारण किसी भी परिवार को बेघर होने की स्थिति का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना है और उन्हें उम्मीद है कि मामले में जल्द कार्रवाई होगी। प्राथमिकी दर्ज होने के सवाल पर उपमहापौर ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने जोर दिया कि आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार होनी चाहिए। अदालत में मामला लंबित होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके अनुसार, आगे की जमीन और पीछे की जमीन को लेकर अलग-अलग विवाद हैं। हालांकि, जमीन के पुराने रिकॉर्ड और दावों की वास्तविक स्थिति राजस्व दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उपायुक्त और अंचल अधिकारी बेहतर जानकारी दे सकते हैं। उपमहापौर ने दावा किया कि संबंधित इलाके में कुछ परिवार पिछले 40 से 50 वर्षों से रह रहे हैं। उन्होंने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप लगाया। इन आरोपों पर योगेंद्र साव का पक्ष सामने आना बाकी है। वार्ड पार्षद विकास यादव ने बताया कि हुरहुरू क्षेत्र में कैंटोनमेंट से जुड़ी जमीन और खास महल की जमीन को लेकर पहले से विवाद रहा है। उनका आरोप है कि आगे की जमीन को लेकर विवाद के बीच पीछे स्थित गैरमजरुआ खास जमीन पर भी कब्जे की कोशिश की जा रही थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस जमीन का इस्तेमाल पहले फायरिंग रेंज के रूप में होने की बात कही जाती है। विकास यादव ने कहा कि कथित कब्जे की कोशिश की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। इसके बाद उन्होंने प्रशासन से शिकायत करने का फैसला किया। जमीन के अलग-अलग हिस्सों पर किए जा रहे दावों के बीच राजस्व रिकॉर्ड, नक्शे और सीमांकन की जांच अहम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और कानूनी प्रक्रिया के तहत विवाद का समाधान निकालने की मांग की है। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी इस मामले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद के कारण हुरहुरू के स्थानीय परिवार परेशान हैं और उन्हें अपने घर तथा जमीन की सुरक्षा को लेकर चिंता है। विधायक ने कहा कि जमीन से जुड़े विवादों का समाधान कानून के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने हजारीबाग के सांसद, जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों और आम नागरिकों से प्रभावित परिवारों के समर्थन में एकजुट होने की अपील की। प्रदीप प्रसाद ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो स्थानीय लोग आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। फिलहाल, हुरहुरू जमीन विवाद में प्रशासन की भूमिका और राजस्व रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी। अब देखना होगा कि उपायुक्त और संबंधित अधिकारी शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं और जमीन की वास्तविक स्थिति को लेकर क्या जानकारी सामने आती है।उपमहापौर बोले—जनता को बेघर होने से बचाना जरूरी
वार्ड पार्षद ने उठाया खास महल और गैरमजरुआ जमीन का मुद्दा
विधायक प्रदीप प्रसाद ने की एकजुट होने की अपील















