ग्राम सभा की अनदेखी और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता न देने के आरोप को लेकर पोटका क्षेत्र में मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की पुत्री दुखनी सोरेन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने रेड क्रॉस सोसाइटी से रैली निकालकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाया और ग्राम सभा के अधिकारों को मजबूत करने की मांग की।

स्थानीय लोगों की अनदेखी का आरोप

दुखनी सोरेन ने कहा कि रोहिणीबेड़ा मौजा में धूमकुड़िया भवन निर्माण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया  जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है  जबकि स्थानीय माझी बाबा और ग्रामीणों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

मंदिर सौंदर्यीकरण पर भी सवाल

उन्होंने मंदिर सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह के कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

आंदोलन की चेतावनी

दुखनी सोरेन ने चेतावनी दी कि यदि ग्राम सभा की अनदेखी बंद नहीं की गई और स्थानीय लोगों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ  तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

ग्रामीणों की मांग

प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर ग्राम सभा को मजबूत करने और स्थानीय हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।