पाकुड़ में गरजे बाबूलाल मरांडी, बोले- मतदाता सूची की हो विशेष जांच, दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन की मांग
पाकुड़: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पाकुड़ परिसदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संताल परगना, खासकर पाकुड़ और साहिबगंज में मतदाता सूची के विशेष सत्यापन की मांग की। उन्होंने क्षेत्र की डेमोग्राफी में बदलाव का दावा करते हुए कहा कि खतियान, वंशावली और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं के मूल निवास का सत्यापन किया जाना चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकारी और गोचर जमीन पर बाहरी लोगों को बसाकर उनके दस्तावेज तैयार कराने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और राज्य सरकार से इस पूरे मामले की विशेष जांच कराने तथा मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की पहचान करने की मांग की। मरांडी ने कहा कि संताल परगना के संवेदनशील इलाकों में मतदाता सूची की जांच जरूरी है। उन्होंने खतियान, वंशावली और अन्य संबंधित दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं के मूल निवास की जानकारी का सत्यापन कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि यदि कहीं दस्तावेजों में अनियमितता या गलत तरीके से नाम शामिल किए जाने की बात सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा नेता ने सरकारी और गोचर जमीन से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर बाहरी लोगों को जमीन पर बसाने और उनके दस्तावेज तैयार कराने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की जांच कर सरकारी जमीन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित प्रशासनिक या चुनावी अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। बाबूलाल मरांडी ने खनिज संशोधन विधेयक को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर लोगों को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा कि विधेयक को लेकर वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट की जानी चाहिए।मतदाता सूची के विशेष सत्यापन की मांग
सरकारी जमीन पर कब्जे का भी लगाया आरोप
खनिज संशोधन विधेयक पर भी सरकार को घेरा















