मधुपुर: नगर परिषद कार्यालय में कार्यपालक पदाधिकारी सुरेंद्र किस्कू की अध्यक्षता में राजस्व वसूली को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस शुल्क और स्टोर रेंट की वसूली की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही 16वें वित्त आयोग के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर चर्चा हुई।

विभागीय कर्मियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी सुरेंद्र किस्कू ने बताया कि पहले राजस्व वसूली का काम एजेंसी के माध्यम से कराया जाता था, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद के विभागीय कर्मियों को सौंप दी गई है। इसके लिए संबंधित कर्मियों को आवश्यक आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होंने कर्मियों को बकाया राशि की वसूली में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया। साथ ही राजस्व संग्रहण की नियमित निगरानी करने पर जोर दिया।

विकास कार्यों के लिए राजस्व संग्रहण महत्वपूर्ण

कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि नगर परिषद के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राजस्व संग्रहण महत्वपूर्ण है। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार राजस्व वसूली होने से नगर परिषद की वित्तीय व्यवस्था मजबूत होगी और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी।

ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं टैक्स

नगर परिषद की ओर से उपभोक्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से भी होल्डिंग टैक्स, स्टॉल टैक्स और ट्रेड लाइसेंस शुल्क जमा करने की सुविधा उपलब्ध है। बैठक में राजस्व वसूली की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और बकाया राशि के संग्रहण पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।