हजारीबाग पंचमंदिर को लेकर झारखंड हाईकोर्ट की सख्त हिदायत, त्योहारों में न लगे ताला; श्रद्धालुओं को मिले निर्बाध प्रवेश
हजारीबाग के पंचमंदिर परिसर में तालाबंदी और श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद
पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने त्योहारों के मौसम में
मंदिर परिसर को अनावश्यक रूप से बंद नहीं रखने और आम श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना
में बाधा नहीं डालने की हिदायत दी है। मामले की सुनवाई रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट में
न्यायमूर्ति राजेश शंकर की एकल पीठ ने की। यह आदेश प्रदीप कुमार एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य,
W.P.(C) No. 3244 of 2025 तथा
इससे जुड़ी अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान 6 अक्टूबर 2026 को पारित किया गया। मामले की सुनवाई के
दौरान अदालत के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया कि जन्माष्टमी के दौरान मंदिर परिसर में
काफी देर तक ताला लगा रहा था। इसे लेकर मूल मामले में दोबारा शिकायत की गई थी। याचिका से जुड़े पक्ष
की ओर से अदालत के समक्ष मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और पूजा-अर्चना से
संबंधित परिस्थितियों की जानकारी रखी गई। मामले की सुनवाई के दौरान त्योहारों के
समय मंदिर को बंद रखने से श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी सामने
आया। हाईकोर्ट ने मामले की
सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि त्योहारों के इस मौसम में मंदिर परिसर को अनावश्यक
रूप से बंद नहीं रखा जाना चाहिए, ताकि
आम लोगों की धार्मिक आस्था और पूजा-अर्चना में बाधा उत्पन्न न हो। अदालत के समक्ष
संबंधित पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने भी आवश्यक आश्वासन दिया। कोर्ट के
निर्देश के बाद अब त्योहारों के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और
पूजा-अर्चना को लेकर स्थिति पर नजर रहेगी। मामले से जुड़े अन्य
पहलुओं पर अदालत में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी। हाईकोर्ट की इस हिदायत के बाद
श्रद्धालुओं को त्योहारों के दौरान मंदिर में निर्बाध प्रवेश मिलने की उम्मीद है।जन्माष्टमी
पर तालाबंदी को लेकर हुई थी शिकायत
त्योहारों
में श्रद्धालुओं की आस्था का रखा जाए ध्यान














