जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर अपराध थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया था।

पुलिस टीम ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के मुचियाडीह स्थित क्रेशर के पीछे जोरिया के पास पलास के झुरमुट में छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। वहीं, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के मट्टौड़ गांव स्थित तालाब के बगल आम बगान में छापेमारी कर दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में नारायणपुर थाना क्षेत्र के चिरूडीह निवासी तसलीम अंसारी (20), मनाजीर अंसारी (21) और बाकुडीह निवासी अब्दुल लतीफ (27) शामिल हैं। वहीं करमाटांड़ थाना क्षेत्र के अलगचुआ निवासी उसमान गनी (25) और मट्टौड़ निवासी जितेन्द्र मंडल (43) को भी गिरफ्तार किया गया है।पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए हैं।

फर्जी कैशबैक के नाम पर ठगी

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को फोन-पे पर 999 रुपये कैशबैक मिलने का फर्जी संदेश भेजते थे। इसके बाद पीड़ितों को मैसेज स्वीकार करने के लिए कहा जाता था। पुलिस का आरोप है कि जैसे ही पीड़ित मैसेज स्वीकार करता था, राशि आरोपियों के फर्जी एप में पहुंच जाती थी।इसके अलावा आरोपी SBI समेत अन्य बैंकों के क्रेडिट कार्ड बंद होने या नया कार्ड जारी होने का झांसा देकर लोगों से मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करवाते थे। इसके जरिए क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी किए जाने की बात पुलिस ने बताई है।मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 58/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का साइबर ठगी का नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ था। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।

2026 में 122 साइबर आरोपी गिरफ्तार

जामताड़ा पुलिस के अनुसार, जनवरी 2026 से 11 सितंबर 2026 तक साइबर अपराध के मामलों में कुल 122 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।इस दौरान पुलिस ने 304 मोबाइल फोन, 370 सिम कार्ड, 22 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक, 3 लैपटॉप, 8 आधार कार्ड, 3 पैन कार्ड, 14 लाख 700 रुपये नकद और 11 मोटरसाइकिल जब्त की हैं।पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ठगी के नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।