जामताड़ा में कैशबैक का झांसा देकर साइबर ठगी, 5 आरोपी गिरफ्तार; 11 मोबाइल और 13 सिम बरामद
जामताड़ा: साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस की टीम ने नारायणपुर और करमाटांड़ थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर पांच कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोप है कि ये लोग कैशबैक और क्रेडिट कार्ड से जुड़े फर्जी मैसेज के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर साइबर ठगी करते थे। साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक नितिश कुमार, कृष्णा कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक हीरालाल महतो की टीम ने सबसे पहले नारायणपुर थाना क्षेत्र के मुचियाडीह स्थित जोरिया के पास पलाश के झुंड में छापेमारी की। पुलिस ने यहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद करमाटांड़ थाना क्षेत्र के मट्टांड़ गांव में तालाब के समीप आम बागान में छापेमारी कर दो अन्य आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नारायणपुर थाना क्षेत्र के चिरुडीह निवासी तस्लीम अंसारी (20), मनाजीर अंसारी (21), बांकुडीह निवासी अब्दुल लतीफ (27), करमाटांड़ थाना क्षेत्र निवासी उस्मान गनी (25) और मट्टांड़ निवासी जितेंद्र मंडल (43) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को PhonePe पर 999 रुपये कैशबैक मिलने का मैसेज भेजते थे। इसके बाद कैशबैक स्वीकार करने के नाम पर लोगों को फर्जी ऐप के जरिए ठगी के जाल में फंसाने का आरोप है। बताया गया है कि ठग कैशबैक लेने की प्रक्रिया के बहाने पीड़ितों से ऐसी गतिविधियां करवाते थे, जिनके जरिए वे साइबर ठगी को अंजाम दे सकें। पुलिस के मुताबिक आरोपी SBI समेत विभिन्न बैंकों के क्रेडिट कार्ड बंद होने और नया कार्ड जारी कराने का झांसा देकर भी लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद मोबाइल फोन में APK फाइल डाउनलोड करवाकर क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने और उसका इस्तेमाल साइबर ठगी में करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों का साइबर ठगी का नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ था। मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 58/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के तरीके की भी जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के अनुसार, जनवरी से 11 सितंबर 2026 तक साइबर अपराध के खिलाफ चलाए गए अभियान में कुल 122 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इस दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामान और नकदी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। कैशबैक, बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड या KYC अपडेट के नाम पर आने वाले अनजान मैसेज और लिंक से सावधान रहना जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK या अन्य फाइल डाउनलोड न करें और बैंकिंग या कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।दो थाना क्षेत्रों में छापेमारी, पांच आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
PhonePe पर 999 रुपये कैशबैक का भेजते थे मैसेज
क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा, APK के जरिए ठगी का आरोप
कई राज्यों तक फैले साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच
जामताड़ा में साइबर अपराध के खिलाफ अभियान तेज
अब तक की बरामदगी
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी















