हजारीबाग: शहर की बदहाल सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर सियासत गरमा गई है। चोपड़ा मेडिकल के समीप सड़क के गड्ढों को भरने के लिए चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने इसे स्थायी समाधान के बजाय महज खानापूर्ति करार दिया है। आलोचकों ने इस कार्रवाई की तुलना सत्तू में थूक मिलाने से करते हुए कहा कि जब तक सड़क की मूल समस्या दूर नहीं होगी, तब तक सिर्फ गड्ढे भरने की कवायद ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है।

मामले को लेकर स्थानीय भाजपा विधायक की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि शहर की सड़कों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और जनप्रतिनिधियों को तत्काल स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। वहीं, यह सवाल भी उठ रहा है कि सांसद और विधायक दोनों भाजपा से होने के बावजूद शहर की सड़कों की स्थिति में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं हो पा रहा है।

इंद्रपुरी पानी टंकी से बाबा पथ तक गड्ढों की भरमार

शहर के कई हिस्सों में सड़क की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इंद्रपुरी पानी टंकी से लेकर बाबा पथ और आसपास के इलाकों में जगह-जगह बने गड्ढों से आवागमन प्रभावित हो रहा है।

बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए लोग खुद अपने स्तर से गड्ढों को भरने का प्रयास कर रहे हैं।

चोपड़ा मेडिकल के पास सीपेज ने बढ़ाई परेशानी

चोपड़ा मेडिकल के समीप सड़क की मरम्मत को लेकर सबसे बड़ा सवाल पानी के सीपेज को लेकर है। स्थानीय लोगों और जानकारों के अनुसार, जमीन के भीतर से पानी का रिसाव होने के कारण इस स्थान पर डाली जा रही सामग्री के लंबे समय तक टिके रहने को लेकर संशय है।

लोगों का कहना है कि पहले भी सीमेंट और अन्य सामग्री डालकर गड्ढा भरने का प्रयास किया गया था, लेकिन पानी के रिसाव के कारण समस्या दोबारा सामने आ गई। ऐसे में उनका कहना है कि केवल ऊपर से गड्ढा भरने के बजाय पहले पानी के स्रोत और निकासी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।

बरसात बाद सड़क निर्माण का दावा

सड़कों की बदहाली को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर से दावा किया जा रहा है कि बरसात समाप्त होने के बाद शहर की कई सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। संबंधित पक्षों के अनुसार, बाबा पथ समेत शहर के अन्य हिस्सों में सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।

हुरहुरु और दूसरे इलाकों की सड़कों को लेकर भी योजनाएं तैयार होने की बात कही जा रही है। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बरसात खत्म होने के बाद इन योजनाओं का काम वास्तव में कब धरातल पर शुरू होता है।

अस्थायी मरम्मत या स्थायी समाधान

फिलहाल चोपड़ा मेडिकल के पास गड्ढे भरने का काम शुरू हो गया है, लेकिन स्थानीय लोगों की चिंता यही है कि क्या यह मरम्मत स्थायी समाधान दे पाएगी लोगों का कहना है कि शहर को केवल गड्ढे भरने की नहीं, बल्कि मजबूत और टिकाऊ सड़क व्यवस्था की जरूरत है।

सड़क निर्माण को लेकर किए जा रहे दावों और जमीनी स्थिति के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बरसात के बाद हजारीबाग की सड़कों की तस्वीर बदलेगी या गड्ढों की समस्या एक बार फिर जस की तस लौट आएगी

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