SIR को लेकर हजारीबाग में INDIA गठबंधन की प्रेसवार्ता, 2003 की मतदाता सूची और मैपिंग पर उठाए सवाल
हजारीबाग: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर हजारीबाग में रविवार को INDIA गठबंधन की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गई। जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में हुई प्रेसवार्ता में कांग्रेस के अलावा झामुमो, राजद, सीपीएम, सीपीआई और माले के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। नेताओं ने SIR के दौरान मतदाता सूची, दस्तावेजों के सत्यापन और पुराने रिकॉर्ड की मैपिंग से जुड़ी समस्याओं को लेकर चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रेसवार्ता में नेताओं ने कहा कि कई ऐसे मतदाता हैं, जिनके परिवार का नाम पुराने खतियान और मतदाता रिकॉर्ड में दर्ज है, लेकिन SIR प्रक्रिया के दौरान उनका नाम पुराने रिकॉर्ड से मैच नहीं हो पा रहा है। नेताओं के मुताबिक, कुछ लोगों को इस संबंध में दोबारा नोटिस मिलने की बात भी सामने आई है। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि यदि खतियान मान्य दस्तावेजों में शामिल है और वंशावली के माध्यम से परिवार का संबंध स्थापित किया जा सकता है, तो तकनीकी स्तर पर पुराने रिकॉर्ड से नामों का मिलान क्यों नहीं हो पा रहा है। INDIA गठबंधन के नेताओं ने कहा कि SIR प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेजों और उनके सत्यापन को लेकर आम मतदाताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका आरोप है कि कई लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन उनके मामलों के समाधान की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है। नेताओं ने मांग की कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी लोगों को दी जाए, ताकि वैध दस्तावेज रखने वाले मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रेसवार्ता में हजारीबाग के विस्थापन प्रभावित क्षेत्रों के मतदाताओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने केरेडारी, बड़कागांव, डाड़ी और चौपारण जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि विस्थापन के कारण बड़ी संख्या में परिवार दूसरे प्रखंडों में जाकर बस गए हैं। उदाहरण के तौर पर नेताओं ने कहा कि केरेडारी और बड़कागांव क्षेत्र के कई विस्थापित परिवार वर्तमान में कटकमदाग क्षेत्र में रह रहे हैं। ऐसे मतदाताओं के सामने 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान बूथ की मैपिंग को लेकर परेशानी सामने आ रही है। INDIA गठबंधन के नेताओं ने कहा कि विस्थापन के कारण जब किसी परिवार का निवास स्थान और मतदान केंद्र बदल गया है, तो पुराने मतदाता रिकॉर्ड को वर्तमान बूथ से जोड़ने की प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग से ऐसे मतदाताओं के लिए स्पष्ट व्यवस्था और दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। नेताओं का कहना था कि विस्थापन प्रभावित क्षेत्रों के मतदाताओं के मामले में स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रिकॉर्ड के सत्यापन और मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। प्रेसवार्ता में INDIA गठबंधन के नेताओं ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान वैध दस्तावेज रखने वाले किसी भी भारतीय नागरिक का मताधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम में सुधार और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की। नेताओं ने कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उनकी समस्याओं का निर्धारित प्रक्रिया के तहत समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान मतदाता सूची के बीच मैपिंग को लेकर उत्पन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं पर निर्वाचन आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।खतियान और पुराने मतदाता रिकॉर्ड की मैपिंग पर सवाल
दस्तावेजों को लेकर मतदाताओं में असमंजस का दावा
विस्थापित क्षेत्रों के मतदाताओं की मैपिंग का मुद्दा उठा
‘पुराना बूथ बदलने के बाद नए स्थान पर कैसे होगी मैपिंग?’
वैध मतदाताओं के अधिकार प्रभावित न हों: INDIA गठबंधन














