दुमका में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने फहराया तिरंगा, विकास और युवाओं के भविष्य पर दिया जोर
दुमका: झारखंड की उपराजधानी दुमका में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, किसान, पर्यटन, निवेश और सुशासन समेत झारखंड के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से बात की। राज्यपाल ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने झारखंड के भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, तिलका मांझी और नीलांबर-पीतांबर के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का उलगुलान जल, जंगल और जमीन को पहचान, संस्कृति और जीवन का आधार मानने का संदेश देता है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष, शिक्षा, खेल, उद्योग और डिजिटल क्षेत्र में देश नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं, किसानों और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से लैस किया जा रहा है। राज्यपाल ने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। शिक्षा को विकास की आधारशिला बताते हुए उन्होंने विद्यालयों में पुस्तकालय, डिजिटल उपकरण और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने नव भारत साक्षरता कार्यक्रम-उल्लास के तहत करीब 10 लाख लोगों को साक्षर किए जाने और विद्यालय निर्माण के लिए 495 करोड़ रुपये की स्वीकृति का भी उल्लेख किया। राज्यपाल ने जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की जरूरत बताई। मांकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना के तहत तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली छात्राओं को 25 हजार रुपये प्रतिवर्ष और डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए 45 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दिए जाने की जानकारी दी। दुमका में विधि महाविद्यालय और देवघर में School of Business & Mass Communication की स्थापना की दिशा में चल रहे कार्यों का भी उल्लेख किया गया। अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के छात्रावासों के लिए 55 योजनाओं की स्वीकृति की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इनमें दो छात्रावास दुमका प्रक्षेत्र में बनाए जाएंगे। राज्यपाल ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए RIMS-2 के निर्माण और पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और धनबाद में छह नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में चल रही कार्रवाई का जिक्र किया। किसानों के लिए खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में निर्धारित 6 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले करीब 5 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जानकारी दी गई। किसानों को MSP के साथ 84 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की बात भी कही गई। राज्यपाल ने बताया कि उद्योग, पर्यटन, IT, AI, आधारभूत संरचना और कौशल विकास के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए National Stakeholders Consultation के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए 40 MoUs पर हस्ताक्षर किए जाने की जानकारी दी गई। राज्य की जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। सोहराय-कोहबर चित्रकला, डोकरा कला, लाह और तसर-रेशम को संभावनाओं वाला क्षेत्र बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि संथाल परगना के सभी जिलों को Export Hub के रूप में विकसित करने के लिए Action Plan तैयार किया जा रहा है। राज्यपाल ने प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक, कदाचार और अन्य अनियमितताओं को गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य और मनोबल को प्रभावित करती हैं। उन्होंने राज्य सरकार से परीक्षा प्रणाली की कमियों की समीक्षा कर उन्हें दूर करने और अनुचित साधनों को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। ग्राम सभाओं और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने के लिए PESA कानून के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना, प्रशासन को जवाबदेह बनाना और भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता सुशासन की पहचान है। झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने हुंडरू, दशम, नेतरहाट, पारसनाथ, देवघर, बासुकीनाथ और मलूटी जैसे पर्यटन स्थलों को राज्य की पहचान बताया। इको-टूरिज्म योजना के तहत 43 स्थानों पर पार्कों के निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अंत में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने युवाओं से विकसित भारत और विकसित झारखंड के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बेटियों, जनजातीय और वंचित समाज के विकास तथा युवाओं की प्रतिभा और मेहनत को अवसर देने का संकल्प लेने की अपील की।स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
विकसित भारत के साथ विकसित झारखंड का लक्ष्य
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
छात्राओं की शिक्षा पर जोर
स्वास्थ्य और किसानों पर भी फोकस
99 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश के लिए 40 MoU
संथाल परगना बनेगा Export Hub
प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी पर चिंता
महिला सशक्तिकरण और PESA पर जोर
पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
‘जय हिंद, जय झारखंड’ के साथ समाप्त हुआ संबोधन















