जामताड़ा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा की ओर से बुधवार को जामताड़ा प्रखंड के बागजोरी गांव स्थित मोमिन टोला में डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष एवं सचिव के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना था।

अभियान के दौरान विधिक सेवा प्राधिकार की टीम की सदस्य आरिफा खातून ने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया और उन्हें विभिन्न कानूनी प्रावधानों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।

ग्रामीणों को विशेष रूप से सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य’, डायन प्रथा उन्मूलन, आशा योजना, जागृति योजना तथा बच्चों के संरक्षण से संबंधित पोक्सो अधिनियम के बारे में जागरूक किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के यौन अपराध या शोषण की स्थिति में कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

बाल विवाह और बाल श्रम रोकने की अपील

अभियान के दौरान ग्रामीणों को बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों से अपील की गई कि उनके आसपास यदि बाल विवाह, बाल श्रम या बच्चों के साथ किसी तरह का शोषण हो रहा हो तो इसकी सूचना संबंधित विभाग अथवा सक्षम प्राधिकार को दें।

डायन प्रथा के खिलाफ किया जागरूक

टीम ने डायन प्रथा के खिलाफ भी ग्रामीणों को जागरूक किया। बताया गया कि डायन प्रथा अंधविश्वास पर आधारित सामाजिक कुरीति है और इसके नाम पर किसी महिला या व्यक्ति को प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। ग्रामीणों से अंधविश्वास से दूर रहने तथा किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने की अपील की गई।

इसके अलावा ग्रामीणों को सड़क दुर्घटना से संबंधित दावा वाद, दिव्यांगजनों के अधिकार और सरकारी स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया के बारे में भी लोगों को बताया गया और पात्र लोगों को आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया।

महिलाओं को घरेलू हिंसा के खिलाफ दी जानकारी

महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण से संबंधित कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। घरेलू हिंसा की स्थिति में पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कानूनी सहायता और संरक्षण के उपायों के बारे में बताया गया तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

निःशुल्क कानूनी सहायता की दी जानकारी

विधिक जागरूकता अभियान के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि पात्र व्यक्ति न्याय प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर सकते हैं।

इसके साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से संचालित विधिक सहायता एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई।

टीम ने ग्रामीणों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, राशन कार्ड समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करने के प्रति प्रेरित किया।

डोर-टू-डोर अभियान के दौरान ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी गईं और उन्हें उचित कानूनी एवं प्रशासनिक माध्यम से समाधान कराने की जानकारी दी गई। ग्रामीणों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, कानून का पालन करने और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित विभाग या विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस पहल से बागजोरी के मोमिन टोला के ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। ऐसे अभियानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक कानून और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों और सुविधाओं का लाभ मिल सके।