धनबाद: JPSC, CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के विरोध में गुरुवार को धनबाद में भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया। राज्यव्यापी आंदोलन के तहत बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता धनबाद समाहरणालय के समक्ष जुटे और हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने और छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की। भाजपा नेताओं ने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

 भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन

धनबाद समाहरणालय के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने JPSC, CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोला। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

 भानु प्रताप शाही ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर नौकरियों तक में कथित तौर पर मेनू कार्डचल रहा है और युवाओं का भविष्य बेचा जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि भर्ती के नाम पर साढ़े 10 हजार करोड़ रुपये की वसूली की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर कथित भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों को जेल भेजा जाएगा।

 ढुल्लू महतो ने की CBI जांच की मांग

धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकारी सीटें लाखों रुपये में बेची जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CID नहीं, बल्कि CBI जांच जरूरी है। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार CBI जांच की अनुशंसा नहीं करती है तो भाजपा अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।

भाजपा नेताओं ने कहा कि युवाओं के अधिकार और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को सड़क से लेकर अदालत तक ले जाया जाएगा।

बाइट: भानु प्रताप शाही, पूर्व विधायक, भवनाथपुर
बाइट: ढुल्लू महतो, सांसद, धनबाद

 आंदोलन तेज करने का ऐलान

फिलहाल भाजपा ने भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच, छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।

हालांकि, भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित सरकारी पक्ष का बयान सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।