अनंत सिंह की विधायकी पर संकट! उमेश कुशवाहा ने स्पीकर को सौंपे दस्तावेज और वीडियो, सदस्यता खत्म करने की मांग
पटना: बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को लेकर घमासान तेज हो गया है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने के बाद अब विधानसभा की सदस्यता समाप्त कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सोमवार को बिहार विधानसभा पहुंचे और विधानसभा अध्यक्ष को अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा से जुड़ा पत्र सौंपा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस दौरान करीब 10 पन्नों के दस्तावेज और एक वीडियो भी प्रस्तुत किए गए। पार्टी की इस पहल के बाद अब निगाहें विधानसभा अध्यक्ष के अगले कदम पर टिकी हैं। हालांकि, जेडीयू की मांग से अनंत सिंह की विधायकी तत्काल समाप्त नहीं होती। इस पर फैसला संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा। जेडीयू की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए पत्र में अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है। पार्टी ने अपने पक्ष में करीब 10 पन्नों के दस्तावेजी साक्ष्य और एक वीडियो भी सौंपा है। अब इन दस्तावेजों और वीडियो का परीक्षण तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे की कार्रवाई में अहम होगी। विधानसभा अध्यक्ष इन तथ्यों और लागू प्रावधानों के आधार पर निर्णय ले सकते हैं। अनंत सिंह के खिलाफ जेडीयू ने 24 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी थी और उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया था। पार्टी ने पूर्व विधायक नीलम देवी के खिलाफ भी छह साल के निष्कासन की कार्रवाई की थी। जेडीयू ने अनंत सिंह पर पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने, वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने और विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के विरोध में काम करने के आरोप लगाए थे। विवाद की मुख्य वजह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव के दौरान सामने आई राजनीतिक खींचतान है। जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था, जबकि अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि माना। इसी के बाद पहले संगठनात्मक कार्रवाई हुई और फिर विधानसभा अध्यक्ष से अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा की गई। जेडीयू ने अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने के लिए संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की मांग की है। यह अनुसूची विधायकों की दल-बदल के आधार पर अयोग्यता से संबंधित प्रावधानों से जुड़ी है। अब यह देखना होगा कि विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों के परीक्षण के बाद क्या निर्णय लिया जाता है। फिलहाल अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने की पुष्टि नहीं हुई है। मोकामा की राजनीति के लिहाज से यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। यदि भविष्य में सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी होता है, तो उसके बाद सीट की स्थिति और आगे की प्रक्रिया भी संबंधित नियमों के अनुसार तय होगी।स्पीकर को सौंपे दस्तावेज, वीडियो भी दिया
छह साल के लिए जेडीयू से हो चुके हैं निष्कासित
विधान परिषद चुनाव बना विवाद की वजह
अब विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर नजर















