पाकुड़: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम शुक्रवार को पाकुड़ जिला परिसदन पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक की। बैठक में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, संगठन को मजबूत करने, स्थानीय समस्याओं और राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में भागीदारी और पंचायत से लेकर जिला स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाने की रणनीति तैयार की गई।

दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले कार्यक्रम की तैयारी

बैठक में आगामी 1 तारीख को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले विशाल कार्यक्रम में भाग लेने पर चर्चा हुई। इसके लिए पाकुड़ और साहिबगंज जिले से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का जत्था दिल्ली रवाना होगा। बैठक में बताया गया कि कार्यकर्ताओं के आवागमन के लिए ट्रेन और एसी बसों के टिकट सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

पंचायत से जिला स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर

पूर्व मंत्री और पार्टी नेताओं ने झारखंड, विशेषकर पाकुड़ और साहिबगंज में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। पंचायत और प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन को धार देने तथा कार्यकर्ताओं को जनता के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।

सदर अस्पताल की व्यवस्था पर जताई चिंता

बैठक में स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने पाकुड़ सदर अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक कमियों के खिलाफ आवाज उठाना पार्टी की प्राथमिकता है।

प्रमाणपत्रों के निष्पादन में देरी का मुद्दा उठा

ब्लॉक और अंचल कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटरों की कमी के कारण जाति, आवासीय और अन्य ऑनलाइन प्रमाणपत्रों के निष्पादन में हो रही देरी पर भी चिंता जताई गई। कांग्रेस नेताओं ने संबंधित अधिकारियों से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की। साथ ही, इस प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर आम लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई।

बिहार एमएलसी चुनाव में हार की होगी समीक्षा

बिहार में हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर नेताओं ने कहा कि पार्टी बैठक कर परिणामों की समीक्षा करेगी और कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास करेगी। वहीं, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और व्यवस्था में बदलाव के लिए संघर्ष जारी रखने की बात भी कही गई।

बैठक के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी स्थानीय जनसमस्याओं को उठाने के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान देगी।