धनबाद सिंदरी मनोहर टांड़ निवासी 40 वर्षीय चंदेश्वर कुमार का शव सऊदी अरब के जेद्दा में फंसा हुआ है। 12 फरवरी को उनकी मौत की सूचना मिलने के बाद से परिजन शव को भारत लाने के लिए लगातार जद्दोजहद कर रहे हैं, लेकिन आवश्यक एडी कोड नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।चंदेश्वर कुमार 24 जुलाई को नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब के जेद्दा गए थे जहां वे अल ज़मील मेटल वर्क्स फैक्ट्री में कार्यरत थे। 10 फरवरी को उन्हें भारत लौटना था और इसके लिए फ्लाइट टिकट भी बुक थी। उसी दिन उनकी परिजनों से फोन पर बातचीत हुई थी लेकिन इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।लगातार संपर्क की कोशिशों के बीच 12 फरवरी को जेद्दा से उनका डेथ सर्टिफिकेट परिजनों को प्राप्त हुआ। कंपनी प्रतिनिधियों से बातचीत में मौत की पुष्टि हुई जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।मृतक का भांजा साहिल कुमार शव को भारत लाने के लिए आवश्यक एडी कोड की व्यवस्था में जुटा है। इस दौरान वह बैंक ऑफ इंडिया सिंदरी शाखा, एसबीआई सिंदरी शाखा धनबाद मुख्य शाखा और सेमी ब्रांच के चक्कर लगाता रहा लेकिन किसी भी शाखा में एडी कोड की सुविधा नहीं मिलने से प्रक्रिया अटक गई।लगातार परेशान होने के बाद साहिल कुमार ने धनबाद उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर जन शिकायत में आवेदन दिया और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई।मामले को गंभीरता से लेते हुए धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया है कि एडी कोड तत्काल उपलब्ध कराकर शव को भारत लाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। लेबर ऑफिस से भी समन्वय स्थापित किया गया है।परिजनों को अब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि चंदेश्वर कुमार की मौत किन परिस्थितियों में हुई। मौत के कारणों को लेकर संशय बना हुआ है। परिवार को उम्मीद है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप से जल्द समाधान निकलेगा और वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपने गांव में कर सकेंगे।एडी कोड यानी ऑथराइज्ड डीलर Authorized Dealer कोड एक विशेष बैंकिंग कोड होता है, जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया RBI द्वारा अधिकृत बैंकों को जारी किया जाता है।विदेश में मृत्यु होने पर शव को भारत लाने एयर कार्गो शुल्क दूतावास से संबंधित प्रक्रिया और विदेशी मुद्रा लेन देन के लिए एडी कोड अनिवार्य होता है। यह सुविधा सभी बैंक शाखाओं में उपलब्ध नहीं होती जिससे परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।