हजारीबाग जिले के केरेडारी कोल माइंस से ट्रांसपोर्टिंग कर रही नकाश कंपनी की 16 चक्का हाईवा गाड़ी की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान चट्टी बरियातू निवासी सुनील सोनी पिता मोती सोनी के रूप में हुई है।बताया जाता है कि एक माह के भीतर ही पति और पत्नी दोनों की मौत हो गई। मृतक की पत्नी की मौत कुछ दिन पहले ओदरणा घाटी में हुई थी और 26 मार्च को ही पत्नी का श्राद्ध कर्म पूरा हुआ था। इसके कुछ दिन बाद ही ट्रांसपोर्टिंग वाहन की चपेट में आने से पति की भी मौत हो गई।घटना की सूचना मिलने पर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद घटनास्थल पर पहुंचे। अंबा प्रसाद ने हजारीबाग उपायुक्त से बात कर मामले की जानकारी दी और मृतक परिवार को मुआवजा व नौकरी देने की मांग की।देर शाम कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद मृतक के परिजनों को 7 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी, जिसमें से 3 लाख रुपये तत्काल दे दिए गए। इसके अलावा परिजनों को एक नौकरी और मृतक के बेटे को 18 वर्ष की आयु होने पर नौकरी देने पर भी सहमति बनी। वहीं केरेडारी अंचल की ओर से भी 1 लाख रुपये सरकारी सहायता देने की बात कही गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि एनटीपीसी केरेडारी कोल माइंस से पिछले तीन वर्षों से ट्रांसपोर्टिंग का काम चल रहा है, लेकिन अब तक वैकल्पिक सड़क नहीं बनाई गई है जिससे आम लोगों को लगातार खतरा बना रहता है। लोगों ने ट्रांसपोर्टिंग कंपनी पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है।