सरायकेला खरसावां जिले के कपाली ओपी से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी निवासी आदिवासी महिला अल्पना महाली ने आरोप लगाया है कि पूछताछ के नाम पर उन्हें थाने बुलाकर प्रताड़ित किया गया। मामले को लेकर पीड़िता के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।पीड़िता के भाई राहुल महाली द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार अल्पना महाली को एक लापता महिला से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए कपाली ओपी बुलाया गया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उनके साथ कथित रूप से मारपीट की गई और उन्हें मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।मामले में पीड़िता की बड़ी बहन अम्बालिका महाली ने दावा किया है कि अल्पना को एक कमरे में अकेले ले जाया गया था। उनका आरोप है कि कुछ समय बाद कमरे के अंदर से चीखने की आवाजें आने लगीं। परिजनों का कहना है कि महिला के साथ कथित रूप से इतनी मारपीट की गई कि वह बेहोश हो गईं। बाद में उन्हें होश में लाया गया और परिवार पर दबाव बनाकर एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए कि महिला सुरक्षित है।घटना के बाद मामला सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। समाजसेवी एवं अधिवक्ता नारायण महतो ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह न केवल पुलिसिया ज्यादती बल्कि एक आदिवासी महिला के संवैधानिक और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निलंबन की मांग की है।उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है तथा किसी भी व्यक्ति के साथ पूछताछ के दौरान मारपीट या थर्ड डिग्री का प्रयोग कानूनन अपराध है।इधर मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार चांडिल एसडीपीओ को 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पूरे जिले की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।