हजारीबाग  जिले के बरकट्ठा प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि बेलकपी पंचायत के बंडासिंगा गांव में हाथियों के झुंड ने भारी उत्पात मचाते हुए एक युवक को कुचलकर मार डाला। इसके अलावा कई घरों विद्यालय मंदिर की दीवार और खेतों में लगी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

स्कूल के बरामदे में सो रहे युवक की मौत

मृतक की पहचान मुकेश गोस्वामी (24 वर्ष) पिता स्वर्गीय काली गोस्वामी  निवासी बंडासिंगा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मुकेश गांव के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के बरामदे में सो रहे थे। देर रात गांव में पहुंचे हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया  जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गई और पूरे गांव में भय का माहौल बन गया।

विद्यालय में जमकर मचाया उत्पात

विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुकर ठाकुर ने बताया कि हाथियों ने विद्यालय भवन को भी भारी नुकसान पहुंचाया। झुंड ने विद्यालय के पांच दरवाजे और एक खिड़की तोड़ दी। इसके अलावा मध्यान्ह भोजन के लिए रखा एक बोरा दाल भी खा गया। विद्यालय की अन्य सामग्री को भी नुकसान पहुंचा है।

कई घर और मंदिर की दीवार क्षतिग्रस्त

घटना की सूचना मिलने के बाद बेलकपी पंचायत के पूर्व मुखिया अर्जुन राणा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि हाथियों ने नुनमन ठाकुर और खूबलाल ठाकुर के मिट्टी के मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही गांव के दुर्गा मंदिर की दीवार भी तोड़ दी, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

खेतों में लगी फसलें भी बर्बाद

शिलाडीह पंचायत के पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजकुमार गिरी ने बताया कि रात करीब एक बजे तीन हाथियों का झुंड गांवों में पहुंचा। हाथियों ने राजा मंडल और परमेश्वर महतो के खेतों में लगी मक्के की फसल खा ली जबकि दला महतो और गोपी साव की बाउंड्री वॉल को भी तोड़ दिया। कई किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।

एक सप्ताह से जारी है हाथियों का आतंक

ग्रामीणों के अनुसार  पिछले करीब एक सप्ताह से हाथियों का झुंड पूरे बरकट्ठा क्षेत्र में घूम रहा है। कुछ दिन पहले तुर्कबाद और केंदुआ इलाके में भी हाथियों ने हमला कर एक व्यक्ति की जान ले ली थी जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल है। लोग रात में घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं।