नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में कानून के शासन को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी देखने को मिली। भारत की ओर से जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर और कानूनी सलाहकार मैथिली आर. ने पाकिस्तान के बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने पाकिस्तान में न्यायपालिका की स्वतंत्रता, अल्पसंख्यकों के अधिकारों और प्रेस की आजादी से जुड़े मुद्दे उठाए।

कौन हैं मैथिली आर.?

मैथिली आर. भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं और न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर एवं कानूनी सलाहकार के रूप में काम कर रही हैं। भारत के स्थायी मिशन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी में उनका नाम आर. मैथिली भी दर्ज है।

वह संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर भारत का पक्ष रख चुकी हैं। अक्टूबर 2025 में भी उन्होंने महासभा की छठी समिति में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की ओर से जवाब दिया था। उस दौरान उन्होंने पाकिस्तान पर भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।

UN में पाकिस्तान को क्या जवाब दिया?

अक्टूबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून के शासन पर चर्चा के दौरान मैथिली आर. ने पाकिस्तान के बयानों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों को कानून के शासन पर उपदेश देने से पहले अपने यहां की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने पाकिस्तान में न्यायपालिका की स्वतंत्रता, राजनीतिक विरोधियों के अधिकारों और प्रेस की आजादी को लेकर सवाल उठाए। भारत की ओर से पाकिस्तान पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।

मैथिली आर. ने पाकिस्तान के सैन्य प्रभाव और न्यायिक जवाबदेही को लेकर भी आलोचना की। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि कानून के शासन की वकालत करने वाले देशों को अपने यहां भी न्यायिक स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।

पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर रख चुकी हैं भारत का पक्ष

मैथिली आर. इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर चर्चा के दौरान उन्होंने भारत की ओर से व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय मंचों के दुरुपयोग से जुड़े मुद्दे भी उठाए थे।

संयुक्त राष्ट्र में उनका हालिया बयान भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक मतभेदों के बीच आया है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को चर्चा में ला दिया है।