नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए तैयार है। ट्रंप ने इसके पीछे ईरान की आर्थिक मुश्किलों को वजह बताया है।

पीटीआई के मुताबिक, शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान तत्काल होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान को आर्थिक नुकसान हो रहा है और वहां पैसा नहीं पहुंच रहा है।

ट्रंप का नाकाबंदी को लेकर दावा

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने दुनिया के लिए परेशानी पैदा करने के उद्देश्य से जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला किया था। इसके जवाब में अमेरिका ने बड़ी सैन्य नाकाबंदी लागू की। ट्रंप ने इसे ‘स्टील की दीवार’ बताते हुए दावा किया कि इसके बाद ईरान की आय प्रभावित हुई।

ईरान के प्रस्ताव को ठुकराने का दावा

ट्रंप ने इससे पहले दावा किया था कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर एक प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ऐसा समझौता चाहता है जिसके तहत जलडमरूमध्य को तुरंत खोला जा सके।

समझौते को लेकर बातचीत की रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के वार्ताकार एक संभावित समझौते पर चर्चा कर रहे थे। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के बदले अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए नाकाबंदी संबंधी कदमों को हटाने की संभावना शामिल बताई गई।

होर्मुज क्यों है महत्वपूर्ण?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के प्रमुख रणनीतिक समुद्री मार्गों में शामिल है। इसके जरिए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। यही वजह है कि यहां किसी भी तरह का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बनता है।

अमेरिकी कार्रवाई पर भी चर्चा

इस बीच द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी बमबारी अभियान दोबारा शुरू करने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, यह रिपोर्ट का दावा है और इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जाना चाहिए।