कोलंबिया: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक भूकंप में कम से कम 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ पूरी तरह ढह गईं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक भूकंप का केंद्र सैन जोस डेल पालमार, चोको क्षेत्र में था। यह राजधानी बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। भूकंप के तेज झटके कोलंबिया के कई शहरों के अलावा पड़ोसी देशों तक महसूस किए गए।

भूकंप से कई शहरों में भारी नुकसान

भूकंप के बाद पश्चिमी कोलंबिया के कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के कारण घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। काली, पेरेरा, क्विब्डो और मनीजालेस समेत कई शहरों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

रिपोर्टों के मुताबिक करीब 1,600 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 61 इमारतें पूरी तरह ढह गईं। कई जगहों पर लोग मलबे में फंसे बताए गए हैं और राहतकर्मी उनकी तलाश में जुटे हैं।

भूकंप के बाद कई इलाकों में संचार व्यवस्था प्रभावित हुई, जिससे नुकसान का पूरा आकलन करने में भी मुश्किलें आ रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल और स्थानीय स्वयंसेवक राहत कार्य में जुटे हुए हैं।

भूकंप के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं।

राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने राहत और बचाव अभियान को प्राथमिकता देते हुए देश में आपातकाल घोषित किया है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी संसाधन पहुंचाने और राहत कार्यों में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कोलंबिया में क्यों आते हैं इतने भूकंप?

कोलंबिया भूकंपीय गतिविधियों वाले क्षेत्र में स्थित है। देश के आसपास कई टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके कारण यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं।

विशेष रूप से नाजका प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट के बीच होने वाली भूगर्भीय गतिविधियां इस क्षेत्र में भूकंप के खतरे को बढ़ाती हैं। कई स्थानों पर प्लेटों के आपस में खिसकने या एक प्लेट के दूसरी प्लेट के नीचे जाने की प्रक्रिया से धरती के भीतर तनाव जमा होता है।

जब यह तनाव अचानक रिलीज होता है तो शक्तिशाली भूकंप आ सकता है।

‘रिंग ऑफ फायर’ से जुड़ा भूकंपीय क्षेत्र

कोलंबिया प्रशांत महासागर के आसपास मौजूद सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र से प्रभावित है। इस व्यापक क्षेत्र को आमतौर पर ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार गतिविधियों के कारण भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियों का खतरा बना रहता है।

हालांकि मौजूदा भूकंप का केंद्र कोलंबिया के पश्चिमी हिस्से में था और इसकी गहराई भी काफी अधिक बताई गई है, इसके बावजूद इससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।