धनबाद : कतरास के छाताबाद में हुए भीषण भू-धंसान मामले को लेकर अब कार्रवाई तेज हो गई है। घटना के सिलसिले में BCCL के CMD समेत चार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जमीन धंसने की घटना के बाद अनियंत्रित ब्लास्टिंग और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

कतरास पुलिस ने शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की है। भू-धंसान की वजहों की जांच जारी है और पुलिस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

ब्लास्टिंग के बाद धंसी जमीन, 11 परिवारों ने बताया दो करोड़ का नुकसान

छाताबाद में हुए भू-धंसान से प्रभावित 11 परिवारों ने करीब दो करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से खनन गतिविधियां और ब्लास्टिंग जारी है, जिसके कारण जमीन की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही थी।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। लोगों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

शिकायत के बाद कतरास पुलिस की कार्रवाई

स्थानीय स्तर पर मिली शिकायत के बाद कतरास पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए BCCL के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। FIR में BCCL CMD समेत चार अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भू-धंसान की घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या ब्लास्टिंग या खनन गतिविधियों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।

घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

चौथे दिन पहुंची BCCL की रेस्क्यू टीम

भू-धंसान की घटना के चार दिन बाद BCCL की रेस्क्यू टीम प्रभावित इलाके में पहुंची। टीम ने मलबे में दबे प्रभावित परिवारों के सामान को बाहर निकालने का काम शुरू किया।

रेस्क्यू टीम की कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों के जरूरी सामान को मलबे से बाहर निकाला गया। हालांकि, राहत और बचाव दल के पहुंचने में हुई देरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि अगर प्रभावित परिवारों का सामान सुरक्षित तरीके से निकालना था, तो रेस्क्यू टीम को घटनास्थल पर पहुंचने में चार दिन क्यों लगे?

पुनर्वास और मुआवजे की मांग तेज

भू-धंसान के बाद प्रभावित परिवारों ने अब पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग तेज कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके घर और घरेलू सामान बर्बाद हो गए हैं और कई परिवारों के सामने रहने की समस्या पैदा हो गई है।

प्रभावित परिवारों ने प्रशासन और BCCL प्रबंधन से नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजा देने तथा सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की है।

पहले भी हो चुकी है भू-धंसान की घटना

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक छाताबाद इलाके में इससे पहले भी भू-धंसान की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में ताजा घटना ने खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब निगाहें पुलिस जांच और BCCL की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। FIR दर्ज होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में किन तथ्यों का खुलासा होता है और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।