पटना: छात्रों और युवाओं की विभिन्न मांगों को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बुधवार को पटना में लोकभवन मार्च निकाला गया। इस मार्च को जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने खुलकर समर्थन दिया। तेज प्रताप ने छात्रों और युवाओं के अधिकारों को लेकर अपनी पार्टी की ओर से लगातार आवाज उठाने की बात कही।

तेज प्रताप यादव ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग की घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पेपर लीक सहित छात्रों और नौजवानों के अधिकारों की लड़ाई लगातार जारी है।

‘छात्रों के लिए 3 दिन जेल रहा हूं’

तेज प्रताप यादव ने अपने पुराने छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों और नौजवानों के मुद्दों को लेकर हुए आंदोलन में वह खुद भी शामिल हुए थे और तीन दिन जेल में रहे थे। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई उनके लिए कोई नया मुद्दा नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी यादव छात्रों और युवाओं की मांगों को लेकर मार्च निकाल रहे हैं, तो जनशक्ति जनता दल की ओर से वह इस मार्च और युवाओं के हित में उठाई जा रही आवाज का समर्थन करते हैं।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी लड़ाई

तेज प्रताप ने कहा कि जनशक्ति जनता दल छात्रों और नौजवानों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा। जब तक छात्रों की जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

उन्होंने छात्रों के हक और युवाओं की आवाज को अपनी राजनीतिक लड़ाई से जोड़ते हुए ‘जय हिंद’ और ‘जय बिहार’ का नारा भी दिया।

सीवान फायरिंग के बाद तेज हुई सियासत

सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग की घटना के बाद बिहार में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी।

घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा एके-47 से फायरिंग किए जाने का वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद संबंधित जवान के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

छात्रों की मांगों को लेकर तेजस्वी ने निकाला मार्च

सीवान की घटना और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लोकभवन मार्च निकाला गया। मार्च के जरिए छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने उठाने की कोशिश की गई।

इस दौरान पेपर लीक, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे।

छात्र आंदोलन से तेज प्रताप का पुराना जुड़ाव

तेज प्रताप यादव का छात्र आंदोलनों से जुड़ाव पहले भी सामने आता रहा है। पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान वह आंदोलन में शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।

तेज प्रताप ने इसी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के हक की लड़ाई में वह खुद भी जेल जा चुके हैं और छात्रों तथा नौजवानों के अधिकारों के लिए उनकी आवाज आगे भी जारी रहेगी।