हजारीबाग: अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस गश्ती व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ उसकी निगरानी के लिए जिले में तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया गया है। पुलिस ने करीब 400 महत्वपूर्ण चौक-चौराहों और संस्थानों को चिन्हित कर वहां QR कोड लगाए हैं। गश्ती पर निकलने वाले पुलिस पदाधिकारी और जवान इन QR कोड के माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज करेंगे।इस व्यवस्था से पुलिस अधिकारियों को यह मॉनिटर करने में मदद मिलेगी कि गश्ती दल निर्धारित स्थानों तक नियमित रूप से पहुंच रहा है या नहीं। इसके जरिए पेट्रोलिंग व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

ऐप से दर्ज होगी गश्ती दल की मौजूदगी

पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता में बताया कि इसके लिए एक विशेष ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। गश्ती दल जब किसी चिन्हित स्थान पर पहुंचेगा तो वहां लगाए गए QR कोड को ऐप के माध्यम से स्कैन कर अपनी उपस्थिति दर्ज करेगा।इससे पुलिस अधिकारियों को गश्ती दल की गतिविधियों की निगरानी करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी देखा जा सकेगा कि पुलिसकर्मी अपने निर्धारित क्षेत्र में नियमित रूप से गश्त कर रहे हैं या नहीं।

400 महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी

पुलिस ने जिले में ऐसे करीब 400 स्थानों की पहचान की है, जहां पुलिस की नियमित मौजूदगी अपराध नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इनमें प्रमुख चौक-चौराहों के अलावा महत्वपूर्ण संस्थान और अन्य संवेदनशील स्थान शामिल हैं।इन स्थानों पर QR कोड लगाए गए हैं। गश्ती दल के संबंधित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर QR कोड स्कैन करेंगे और ऐप के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करेंगे।

गश्ती व्यवस्था में बढ़ेगी जवाबदेही

पुलिस के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ पुलिसकर्मियों की उपस्थिति दर्ज करना नहीं है, बल्कि गश्ती व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और उसकी नियमित मॉनिटरिंग करना भी है।तकनीक के जरिए अधिकारियों के स्तर से यह देखा जा सकेगा कि संबंधित गश्ती दल निर्धारित स्थानों पर पहुंच रहा है या नहीं। पुलिस का मानना है कि इससे गश्ती व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।नियमित और प्रभावी पुलिस गश्ती से अपराध नियंत्रण में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।