सरकारी जमीन पर पुलिसकर्मी के कथित कब्जे का आरोप, 19 लोगों को नोटिस के बीच बेंगाबाद
गिरिडीह: सरकारी जमीन पर कथित
अतिक्रमण को लेकर बेंगाबाद अंचल में प्रशासनिक कार्रवाई और उसकी निष्पक्षता को
लेकर सवाल उठाए गए हैं। मधवाडीह पंचायत के मुखिया मो.
सिद्दीक अंसारी ने अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन देकर
मौजा बेंगाबाद, हल्का
नंबर-04, खाता नंबर-106
और प्लॉट नंबर-230 से संबंधित जमीन की जांच कराने तथा
नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।मुखिया
के आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बेंगाबाद थाना में कार्यरत एसआई रणधीर सिंह ने अपने पद और वर्दी
के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उक्त भूमि पर कथित रूप से मकान का निर्माण कराया
है। हालांकि, इस
आरोप की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के
बाद ही स्पष्ट होगी। मामले
में एक अहम सवाल यह भी उठाया गया है कि यदि संबंधित खाता और प्लॉट की जमीन को लेकर
19 लोगों को नोटिस जारी
किया गया है, तो
उसी जमीन पर पुलिसकर्मी द्वारा कथित निर्माण के मामले में अब तक क्या जांच की गई
है।शिकायतकर्ता
ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि यदि जमीन सरकारी है तो उस पर किसी
भी व्यक्ति द्वारा निर्माण कैसे हुआ और यदि जमीन सरकारी नहीं है, तो फिर 19 लोगों को किस आधार पर नोटिस जारी किया
गया। मुखिया
ने पूरे मामले की निष्पक्ष स्थल जांच कराने, जमीन का सीमांकन कराने और राजस्व
अभिलेखों की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि दस्तावेजों और भौतिक स्थिति
के सत्यापन के बाद ही जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।उन्होंने
मांग की है कि यदि जांच में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार
कार्रवाई की जाए। मामला
एक कार्यरत पुलिसकर्मी से जुड़े आरोपों के कारण चर्चा में है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो
सकेगी। ऐसे में अब निगाहें बेंगाबाद अंचल प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।प्रशासन
को राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जमीन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी और आवश्यकता पड़ने
पर स्थल का सीमांकन भी कराना होगा। जांच के बाद ही यह सामने आएगा कि संबंधित जमीन
की वास्तविक प्रकृति क्या है और उस पर निर्माण अथवा कब्जे की स्थिति क्या है।फिलहाल
मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों के स्तर पर है। संबंधित पुलिसकर्मी का पक्ष या
प्रशासन की विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट
हो सकेगी।एक ही जमीन पर 19 लोगों को नोटिस
स्थल जांच और सीमांकन की मांग
प्रशासनिक जांच पर टिकी नजर














