पाकुड़-नाबालिग-छात्रा-के-दुष्कर्म-और-हत्या-के-विरोध-में-आदिवासी-छात्र-संगठन-का-कैंडल-मार्च
पाकुड़: दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में पाकुड़ जिला मुख्यालय में आदिवासी छात्र संगठन से जुड़े सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कैंडल मार्च निकालकर पीड़िता को श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राएं हाथों में मोमबत्तियां लेकर रविंद्र चौक से निकले। इसके बाद वे अंबेडकर चौक होते हुए सिद्धू-कान्हू मुर्मू पार्क पहुंचे। यहां सभी ने दो मिनट का मौन रखकर मृत छात्रा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। प्रदर्शनकारियों ने मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठाई। इस दौरान विद्यार्थियों ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता कमल मुर्मू ने राज्य में आदिवासी समाज की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी समाज के लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। कमल मुर्मू ने आरोप लगाया कि राज्य में आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं और उनके बच्चे-बच्चियां भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने नाबालिग छात्रा के मामले में त्वरित कार्रवाई करने और दोषियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं ने शासन-प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और पीड़िता को न्याय दिलाने की अपील की। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पाकुड़ में निकाले गए इस कैंडल मार्च के माध्यम से विद्यार्थियों ने पीड़िता के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय की मांग उठाई। मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।रविंद्र चौक से सिद्धू-कान्हू मुर्मू पार्क तक निकाला कैंडल मार्च
छात्र नेता कमल मुर्मू ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग














