हजारीबाग जिले सदर जमीन विवाद को लेकर सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार ने कहा है कि संबंधित जमीन की वास्तविक स्थिति पैमाइश के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मौके पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि जमीन के विभिन्न हिस्सों की स्थिति का आकलन उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। वहीं, खास महल जमीन के कुछ हिस्सों से संबंधित दस्तावेजों और पुनर्विचार की प्रक्रिया का मामला भी सामने आया है।

चूंकि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए जमीन की स्थिति और आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेशों तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आलोक में तय की जाएगी। ऐसे में जमीन की पैमाइश और संबंधित अभिलेखों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुराने भवन को तोड़ने और पेड़ काटने को लेकर उठे सवाल

विवादित स्थल पर पुराने भवन को तोड़े जाने, पेड़ों की कटाई और पानी की निकासी के रास्ते को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जमीन के अलग-अलग हिस्सों की स्थिति और वहां हुई गतिविधियों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

स्थानीय लोगों की ओर से जलनिकासी की समस्या को भी उठाया गया है। लोगों ने इस समस्या को नगर निगम के समक्ष रखने की बात कही है, ताकि पानी की निकासी से जुड़ी परेशानियों का समाधान किया जा सके।

आवेदन मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई: एसडीपीओ

मामले को लेकर एसडीपीओ ने कहा है कि आवेदन मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विवादित स्थल पर हुई गतिविधियों के संबंध में शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल, जमीन की पैमाइश, संबंधित दस्तावेजों की जांच और हाईकोर्ट के अंतरिम आदेशों के अनुपालन पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इन प्रक्रियाओं के बाद ही जमीन की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।