बिशुनपुर: कुजाम बॉक्साइट खनन क्षेत्र में काम कर रहे 51 परियोजना प्रभावित लोगों (PAP) की नौकरी पर संकट का मामला सामने आया है। प्रभावित श्रमिकों का कहना है कि खनन परियोजना के लिए उनकी जमीन लीज पर लिए जाने के बदले उन्हें रोजगार दिया गया था, लेकिन अब निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही उन्हें काम से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

प्रभावित लोगों के अनुसार, जमीन खनन परियोजना के लिए दिए जाने के दौरान रोजगार को उनके परिवार की आजीविका और पुनर्वास से जोड़कर देखा गया था। ऐसे में रोजगार समाप्त होने की स्थिति में कई परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

20 किलोमीटर के दायरे में वैकल्पिक रोजगार की मांग

श्रमिकों का कहना है कि यदि कंपनी खनिज समाप्त होने का कारण बताकर रोजगार समाप्त कर रही है, तो खदान में खनिज की वास्तविक स्थिति से संबंधित अधिकृत तकनीकी प्रमाण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

प्रभावित श्रमिकों ने Industrial Relations Code, 2020 की धारा 75(2) से जुड़े प्रावधानों की जांच की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि खनन कार्य समाप्त हो रहा है तो प्रभावित लोगों के लिए 20 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध वैकल्पिक रोजगार के प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए।

“जमीन भी गई और रोजगार भी गया” की स्थिति न बने

श्रमिकों का कहना है कि उनकी जमीन पहले ही खनन परियोजना के लिए ली गई और बदले में उन्हें PAP के रूप में रोजगार मिला। अब यदि नौकरी भी समाप्त हो जाती है तो उनके सामने “जमीन भी गई और रोजगार भी गया” जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

प्रभावित लोगों ने कंपनी, जिला प्रशासन, जिला खनन पदाधिकारी और संबंधित विभागों से पूरे मामले की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वर्तमान खदान में रोजगार जारी रखना संभव नहीं है तो पात्र श्रमिकों को 20 किलोमीटर के दायरे में उपयुक्त वैकल्पिक रोजगार दिया जाए।

श्रमिकों की मांग है कि वैकल्पिक रोजगार की स्थिति में समान वेतन और सेवा-निरंतरता भी सुनिश्चित की जाए।

दस्तावेजों की जांच और जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

प्रभावित श्रमिकों ने जमीन लीज समझौता, PAP सूची, रोजगार संबंधी दस्तावेज, खनन पट्टा, खनिज भंडार की स्थिति, माइन क्लोजर प्लान और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करने की मांग की है।

प्रमुख मांगों में 51 श्रमिकों की नौकरी समाप्त करने की प्रक्रिया रोकना, PAP रोजगार जारी रखना, खनिज समाप्ति का तकनीकी प्रमाण देना और वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराना शामिल है।

प्रभावित परिवारों का कहना है कि जमीन के बदले मिला रोजगार केवल एक सामान्य नौकरी नहीं, बल्कि उनकी आजीविका और पुनर्वास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए नौकरी समाप्त करने से पहले कंपनी और संबंधित विभागों को सभी समझौतों और लागू कानूनी प्रावधानों पर विचार करना चाहिए।