किसी की फोटो गायब, किसी का विषय गलत, 10 साल बाद JTET, लेकिन परीक्षा से पहले ही छिड़ गया विवाद
रांची: झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। करीब 10 साल बाद आयोजित होने जा रही झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) से पहले एडमिट कार्ड में कथित गड़बड़ियों ने सैकड़ों उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी है। किसी के एडमिट कार्ड में शिक्षक श्रेणी के अनुसार विषय दर्ज नहीं है, तो किसी के दस्तावेज से फोटो और हस्ताक्षर गायब होने की शिकायत है। इन त्रुटियों को ठीक कराने के लिए राज्यभर से अभ्यर्थी झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के कार्यालय पहुंच रहे हैं। इसी बीच, सहायक आचार्य नियुक्ति का इंतजार कर रहे राजेश मिस्त्री और करीब 56 वर्ष की उम्र में भी सरकारी नौकरी की उम्मीद लगाए योगेंद्र प्रसाद के मामले ने भी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। राजेश मिस्त्री का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलने के बावजूद उनकी नियुक्ति का मामला आगे नहीं बढ़ रहा है। वहीं, योगेंद्र प्रसाद के JTET एडमिट कार्ड में गणित की जगह सोशल स्टडीज दर्ज होने की शिकायत सामने आई है। एक नवंबर को प्रस्तावित JTET लिखित परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड में कई तरह की त्रुटियां सामने आने का दावा किया जा रहा है। अभ्यर्थियों के मुताबिक, टीचर टाइप कैटेगरी में सोशल स्टडीज अपने आप दर्ज हो गया है। लैंग्वेज टीचर कैटेगरी में भी सोशल स्टडीज अंकित होने की शिकायत है। एक अभ्यर्थी ने एडमिट कार्ड में फोटो और हस्ताक्षर नहीं होने की समस्या भी बताई है। बताया जा रहा है कि इन अभ्यर्थियों ने वर्ष 2024 में JTET के लिए आवेदन किया था। परीक्षा की तारीख नजदीक आने के बाद गलतियों का पता चलने से उम्मीदवारों में असमंजस है। उन्हें आशंका है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो परीक्षा के दौरान परेशानी हो सकती है। एडमिट कार्ड में त्रुटियों से परेशान अभ्यर्थी राज्य के अलग-अलग इलाकों से रांची स्थित JAC कार्यालय पहुंचे। उनकी मांग है कि परीक्षा से पहले विषय, शिक्षक श्रेणी, फोटो और हस्ताक्षर से जुड़ी गलतियों को दुरुस्त किया जाए। अभ्यर्थियों के अनुसार, JAC की ओर से आश्वासन दिया गया है कि परीक्षा में पास होने के बाद त्रुटियों में सुधार किया जाएगा। हालांकि, उम्मीदवार चाहते हैं कि परीक्षा से पहले ही समस्याओं का समाधान हो, ताकि उन्हें परीक्षा केंद्र पर किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। अब सवाल है कि एक नवंबर की परीक्षा से पहले इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है। दूसरी ओर, सहायक आचार्य नियुक्ति से जुड़े राजेश मिस्त्री का मामला भी चर्चा में है। उनका दावा है कि सभी आवश्यक अर्हताएं पूरी करने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है। राजेश मिस्त्री के मुताबिक, वह सुप्रीम कोर्ट से आदेश प्राप्त करने के बाद भी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के चक्कर काट रहे हैं। कई बार आवेदन देने के बावजूद उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं होने का आरोप है। राजेश मिस्त्री का सवाल है कि जब वह निर्धारित योग्यताएं पूरी करते हैं और मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी मौजूद है, तो फिर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे क्यों नहीं बढ़ रही है? इस मामले में न्यायालय के आदेश की शर्तें, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज और JSSC का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में वर्षों से इंतजार कर रहे योगेंद्र प्रसाद की परेशानी भी कम नहीं हुई है। करीब 56 वर्ष की उम्र में भी नियुक्ति की आस लगाए योगेंद्र प्रसाद के JTET एडमिट कार्ड में गणित विषय की जगह सोशल स्टडीज दर्ज होने की शिकायत है। उनके मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2012 में भी वह गड़बड़ियों से प्रभावित हुए थे। योगेंद्र प्रसाद के लिए एडमिट कार्ड में विषय की गलत प्रविष्टि केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि वर्षों से जारी संघर्ष के बीच एक नई बाधा है। ऐसे में परीक्षा से पहले गलती सुधारे जाने की मांग अहम हो गई है। JTET एडमिट कार्ड की कथित त्रुटियों, राजेश मिस्त्री की नियुक्ति संबंधी शिकायत और योगेंद्र प्रसाद के लंबे इंतजार ने झारखंड की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल सामने रखे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि दस्तावेजों की गलतियों को समय रहते ठीक किया जाए और नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए। फिलहाल, JAC की ओर से परीक्षा में सफल होने के बाद सुधार का आश्वासन दिए जाने की बात अभ्यर्थियों ने कही है। वहीं, राजेश मिस्त्री और योगेंद्र प्रसाद के मामलों में संबंधित संस्थानों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड की समस्याओं का समाधान होता है या उम्मीदवारों को अपनी शिकायतों के साथ आगे भी इंतजार करना पड़ेगा।JTET से पहले एडमिट कार्ड में गलतियों का आरोप
सुधार के लिए JAC कार्यालय पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे राजेश मिस्त्री
56 साल की उम्र में भी नौकरी की आस, योगेंद्र प्रसाद के एडमिट कार्ड में फिर गड़बड़ी
परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल














